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Sunday 4th of February 2018 | बीजेपी सांसद का निधन

नहीं रहे हुकुम सिंह


यूपी के कैराना से बीजेपी सांसद हुकुम सिंह का निधन हो गया है .लंबी बीमारी के बाद 69 साल की उम्र में बीजेपी सांसद ने कल आखरी सांस ली. हुकुम सिंह का जहां एक ओर विवादों से लंबा नाता रहा तो वहीं दूसरी ओर उन्हें पसंद करने वालों की भी लिस्ट बहुत लंबी है. 5 अप्रैल 1938 को हुकुम सिंह का जन्म गुर्जर समुदाय में यूपी के कैराना में हुआ. 12वीं तक की शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के साथ ही हुकुम सिंह ने बेजोड़ मेहनत शुरू की और फिर अपनी मेहनत के बदौलत उन्होंने जज बनने की परीक्षा भी पास कर ली. देशभक्ति की भावना से प्रेरित हुकुम सिंह भारत-चीन युद्ध के दौरान जज की नौकरी छोड़ सेना में जाने का फैसला लिया .उसके बाद भारत पाकिस्तान युद्ध में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. शायद यह बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि यूपी के लोकप्रिय नेताओं में से एक हुकुम सिंह ने अपने जीवन का पहला चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़ा था. उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव 1974 में कांग्रेस के टिकट से लड़ा और भारी मतों से जीते भी थे उसके बाद 1980 में उन्होंने अपनी पार्टी बदली और लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़े . सन 1995 में राम मंदिर आंदोलन के बाद हुकुम सिंह ने बीजेपी का हाथ थामा और चौथी बार विधायक बने.
 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपी हुकुम सिंह बर लगे लेकिन इससे उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ा और फिर 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की कैराना में हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाने वाले हुकुम सिंह ही थे.


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