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एकबार फिर शुरू होगा अन्ना का अंदोलन

एकबार फिर शुरू होगा अन्ना का अंदोलन


2013 या यूं कहें 2014 लोकसभा चुनाव के पहले वरिष्ट समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल व भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए एक आंदोलन चलाया था जिसमें भारत के करोड़ों लोगों नें अन्ना के इस आंदोलन का समर्थन भी किया था. जिसके बाद अन्ना के इस आंदोलान का पूरा पूरा फायदा विपक्षी दल यानी भारतीय जनता पार्टी को हुआ था और बीजेपी ने अन्ना के आंदोलन का समर्थन करते हुए भारी मतों से जीत हासिल की थी और भाजपा ने इस आंदोलन के सहयता से ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी.

2014 लोकसभा चुनाव के पहले बीजेपी ने उन्ही मुद्दों को अपना चुनावी मुद्दा बनाया था जिनकों लेकर अन्ना हजारे ने यह आंदोलन शुरू किया था और उन मुद्दों की सहायता से ही बीजेपी ने 2014 लोकसभा चुनाव में अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी. उसके बाद इसी आंदोलन की सहायता से दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने भी अपनी सरकार बनाई थी जिसमें अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने थे. लेकिन जिन मुद्दों को लेकर दिल्ली की विधानसभा तथा दिल्ली पर ही लोकसभा दो अलग अलग पार्टियों ने चुनाव जीता था वह मुद्दे आज तक उसी तरह अधूरे रह गए हैं और उसमें किसी भी तरह की कोई कार्यवाई नहीं की गई. ना ही उन पार्टियों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की कोई पहल की. ना ही लोकपाल बिल को पेश करने की, और ना ही कालाधन वापस लाने की,बता दें  इसको देखकर बस यह लग रहा है कि यह दोनों ही पार्टिया किसी तरह से सियासत के अपने पांच साल पूरे कर रही हैं.

आपको बता दें लोकपाल बिल, किसानों की समस्या, भ्रष्टाचार मुक्त भारत तथा कालाधन वापस लाना यह सभी मुद्दे अन्ना हजारे के आंदोलन के हैं जिसमें उन्होने 2014 लोकसभा चुनाव के पहले एक वृहद शंखनाद शुरु किया था जिसको लेकर अब एकबार फिर समाजसेवी अन्ना हजारे ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले एक आंदोलन शुरू करने  की बात कही है.

दरअसल मध्यप्रदेश के जबलपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान वरिष्ट समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि वह एक फिर आने वाले 23 मार्च यानी शहीदी दिवस के दिन से किसानों को साथ में लेकर दिल्ली में आंदोलन करेंगे तथा सरकार को अपने दिए गए वादे से अवगत करायेंगे.


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