VT Update
बोर्ड परीक्षाओं की तिथि का काउंटडाउन शुरू 9 दिन बचे शेष, प्रशासन ने कसी कमर चप्पे-चप्पे पर रहेगा पुलिस का पहरा 10 हेक्टयर के रकबा वाले किसान के नाम पर 27 हेक्टर का पंजीयन निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पकड़ी गड़बड़ी दो पटवारी सस्पेंड प्रदेश में पहली बार 3 तरह की अबकारी नीति, 25 प्रतिशत बढ़ेगी शराब दुकानों की कीमत, नहीं खोली जाएंगी उप दुकाने नगरी निकाय और किसानों को मिलने वाली बिजली महंगी करने की तैयारी में सरकार, घाटे को कम नहीं कर पा रही बिजली कंपनियां प्रधानमंत्री मोदी की मुहिम को झटका, आधे से भी कम सांसदों ने गांव लिए गोद, 778 कुल सांसद 300 गांव ही लिए गए गोंद
Thursday 1st of March 2018 | बजट 2018/ “झूर पैलगी जिउ झक्क”

बजट में कहाँ खड़ा है, मंत्री जी का महानगर रीवा ?


रीवा . कल मध्यप्रदेश सरकार का इस वित्तीय वर्ष 2018 का बजट वित्त मंत्री जयंत मलैया द्वारा पेश किया गया , बड़े वादे और दावे भी किये गए कृषि, स्वास्थ्य, और अधोसंरचना पर जोर दिया गया, प्रदेश के सभी प्रभावशाली क्षेत्रो का ध्यान रखा गया मगर इन सब के बीच एक सवाल विन्ध्य की जनता का है ... अपने स्थानीय मंत्री राजेंद्र शुक्ल जी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी से ...

सवाल यह की विन्ध्य और रीवा को क्या मिला? प्रदेश के चारों महानगरों को और बेहतर करने ,अधोसंरचना के दूरगामी प्लान के अनुसार बनाने के लिए अच्छा खासा बजट दिया गया , भोपाल और इंदौर के लिए मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए बजट दिया गया , वहीँ जबलपुर में राज्य कैंसर सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया है जिसकी एक यूनिट ग्वालियर मे भी खुलेगी, भोपाल से इंदौर सिक्स लेन एक्सप्रेस वे के लिए 5000 करोड़ रूपए , जबलपुर,ग्वालियर, सागर ,ओरछा में भारत माला योजना से बायपास का निर्माण . मगर मंत्री जी के सपनों का शहर महानगर रीवा खाली हाथ रहा, आशा भरी निगाहों से विधानसभा की ओर देखता रहा.

प्रदेश के मुख्यमंत्री जब-जब रीवा आये खूब बोले ..जी भर के क्षेत्र के विकास की बात की, मगर बजट में वो बातें कहीं नही दिखीं,शायद मुख्यमंत्री जी को काम के और आने वाले चुनावों दवाब में कुछ याद नही रहता ......ठीक है! टेंशन में ये सब को होता है, वो भी तब जब आप के साथ कुछ भी ठीक न हो रहा हो आप उपचुनाव लगातार हार रहे हों . मगर विन्ध्य और रीवा की जनता को सब कुछ याद है की आपने रीवा में सब के सामने क्या कहा था -

“रीवा के विकास में कोई कसर नही छोड़ी जाएगी, और अगर 1 रुपया इंदौर और भोपाल को दिया जायेगा तो 1 रुपया रीवा को भी दिया जाएगा”   

शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मप्र.(मामा)

और हमने जी भर के तालियां ठोंकी थी, खूब हो हल्ला मचाया था,...शिवराज जिंदाबाद के नारे लगाये थे, और आज रीवा की जनता ठगा सा महसूस कर रही है ...सच तो यह है पूर्वी मध्यप्रदेश के विन्ध्य क्षेत्र पर इस बार भी माननीयों की नज़र नही गयी, विकास की गंगा का की एक बूँद नही पड़ी .बघेली भाषा में एक कहावत है ‘ “झूर पैलगी जिउ झक्क” कुछ ऐसा की आज रीवा महसूस कर रहा है.

 


ग्रामीणों से छिना घरेलू निस्तार के लिए बना तालाब

मैहर में फिर गूँजी विंध्य प्रदेश के साथ मैहर को जिला बनाने की मांग


 VT PADTAL