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Thursday 1st of March 2018 | जानें ..बीजेपी-कांग्रेस के लिए उपचुनावों के परिणाम के मायने .

टूट सी गई “शिव” मोदी लहर, उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार


कोलारस, मुंगावली और चित्रकूट इन तीनों ही जगहों पर पिछले एक साल में उपचुनाव हुए हैं तथा इन तीनों स्थानों से ही बीजेपी की हार हुई. हालाकि यह तीनों सीटें कांग्रेस की परंपरागत सीटें हैं जिसमें किसी भी पार्टी का आना सरल नहीं होगा,लेकिन पिछले 14 साल में जिसप्रकार प्रदेश के अंदर बीजेपी की स्थिति रही है उससे यह हार कुछ अलग ही बातों को बयां कर रही है.

2013 विधानसभा के चुनाव में शिवमोदी की अटूट लहर थी लेकिन फिर भी उस आम चुनाव में इन सीटों से बीजेपी को जीत नहीं मिली. चलो कोई बात नहीं लेकिन फिर भी इन सीटों पर उपचुनाव की हार बीजेपी के लिए एक सबक के रुप में सामने आया है.

पिछले 4 सालों मे प्रदेश की 13 सीटों पर उपचुनाव हुए है, जिसमे बीजेपी ने 8 और कांग्रेस ने 5 सीटों में कब्जा जमाया है , मगर पिछले 3 सीटों पर लगातार कांग्रेस का जीतना, चुनावी साल में जनता का मूड बदलने का काम कर सकती है और ऐसे में आने वाला चुनाव बीजेपी के लिए असान नही होगा.

आपको बतादें कोलारस, मुंगावली तथा चित्रकूट लगातार इन तीनों सीटों से बीजेपी की हार आने वाले आम चुनाव में जरूर कोई गहरा प्रभाव डालेगी. क्योकि जिसप्रकार इन तीनों सीटों की जीत के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी टीम को मैदान में उतारा था, उसके बाद भी यह तीनों सीट हार गई तो फिर विधानसभा चुनाव में तो 230 सीटों के लिए टीम को खड़ा करना होगा और उस टीम का वर्क भी बढ़ेगा ऐसे में बीजेपी के लिए उसको जीत पाना आसान नहीं होगा.

सेमीफाइनल तो कांग्रेस ने जीत लिया मगर फाइनल की तैयारी भी उसे इसी अंदाज में करना होगा , कम से कम अपने दिग्गजों को शांत करना होगा,वहीँ बीजेपी को इस परिणाम से सबक लेते हुए जनता के बीच पहुंचना होगा, नही तो आने वाला चुनाव शिव-मोदी की जोड़ी पर मुश्किलें पैदा कर सकता है


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