VT Update
वाराणसीः CM योगी ने चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया छत्तीसगढ़ः दंतेवाड़ा में IED विस्फोट में पांच जवान शहीद, 2 घायल रेलवे मैदान में होगा सद्भावना सम्मेलन, सतपाल जी महराज देगें उद्वबोधन रीवा व्यंकट भवन में विश्व संग्रहालय दिवस के उपलक्ष्य में लगाई गई प्रदर्शनी एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट घोषित, मेरिट में छात्राओं का रहा दबदबा
बुरा ना मानो होली है

रंगों की होली ‘आई रे’


रंगों का त्यौहार ‘होली’ देश भर में हर वर्ग और समुदाय के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते है. मिलन और भाईचारे का यह त्योहार हमेशा ही हमारे समाज को अच्छा मैसेज देकर जाता है और वह है कि छूत-अछूत और भेदभाव में कुछ नहीं रखा है बस इतना याद रह जाता है “बुरा ना मानो होली है” शायद इन्ही बातों से ही हमें लोगों के प्रति उस समय अपनापन लगता है.

लेकिन पता नहीं क्यों हम लोग इस त्योहार के बाद इस अपनेपन को भूल जाते हैं और फिर से वही छोटा-बड़ा और संप्रदायिकता की बाते करने लग जाते हैं.

होली के इस त्योहार से हमें एक रोचक जानकारी मिलती है कि कैसे भक्त प्रहलाद ने भगवान का स्मरण कर अग्नि को पराजित किया था इससे यह आशय है कि उनकी बुआ होलिका जिन्हे आग में ना जलने का वरदान ब्रम्हा से प्राप्त था वह भी भक्त प्रहलाद की भक्ति के कारण क्षुब्ध हो गया. तो क्या हम अपने लोगों,अपने समाज, देश के प्रति सभी भेद-भाव को मिटाकर ऐसी भक्ति नहीं रख सकते हैं.


रंगों की होली ‘आई रे’

पंचतत्व में विलीन हुई “रूप की रानी” विफरा हिंदुस्तान


 VT PADTAL