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कांग्रेस के ईमानदार सिपाही राजमणि

बरौ से भोपाल और फिर दिल्ली तक का सफ़र


मप्र.से कांग्रेस के खाते से राज्यसभा जाने के लिए सबने अंदाजा लगाया होगा की किसी बड़े व्यापारी पुराने बड़े मंत्री या किसी पुराने केन्द्रीय मंत्री को रिपीट कर दिया जायेगा. रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा के गाँव बरौं के रहने वाले राजमणि पटेल अपने राजनैतिक जीवन तृतीय चक्र में राज्यसभा के लिए कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर नामांकित हो गये हैं . राजमणि दिवंगत कांग्रेस नेता कुंवर अर्जुन सिंह के परम शिष्यों में से एक रहे हैं और वर्तमान में अजय सिंह राहुल के बड़े शुभचिंतक के रूप में जाने जाते हैं.

2 बार मंत्री और 4 बार विधायक-

पटेल 1972 में पहली बार विधायक बने थे. इसके बाद पहली बार 1986 मे राजस्व मंत्री बने थे. दो बार प्रदेश में मंत्री पद पर रह चुके हैं. राजमणि पटेल 1972 में पहली बार चुनाव लादे और समाजवादी नेता यमुना प्रसाद शास्त्री को चुनाव हराकर पहली बार सुर्ख़ियों में आये थे.

पत्रकार रहें हैं राजमणि पटेल-

राजमणि पटेल ने सन 81 में “सामयिक निर्णय” नामक एक साप्ताहिक अखबार भी रीवा से निकाला था, जिसका सम्पादन भाई सुदामा शरद जी किया करते थे . मितभाषी, साधारणजनों के प्रति सहृदयता और दिखावे से दूर रहना राजमणि जी की विशेषता रही है .

अर्जुन सिंह से अजय सिंह तक-

राजमणि पटेल कुंवर अर्जुन सिंह के करीबियों में से एक थे. राजनीति की बारीकियां और धैर्य उन्होंने अर्जुन सिंह से बखूबी सीखा था. अर्जुन सिंह के निधन के बाद राजमणि पटेल लगातार अजय सिंह के संपर्क में बने रहे .

समीकरण-

जैसे ही बीजेपी ने राज्यसभा के लिए विन्ध्य के अजय प्रताप सिंह को आगे किया तुरंत कांग्रेस ने विन्ध्य में जातीय समीकरण और सामाजिक पृष्टभूमि और भविष्य के सियासी समीकरण को भांपते हुए OBC वर्ग से राज्यसभा पूर्व मंत्री राजमणि के नाम की घोषणा कर दी. सतना से सांसद गणेश सिंह OBC वर्ग के बड़े लीडर के रूप में उभर रहे हैं और अगले चुनाव में OBC वोटबैंक को साधने के लिए कांग्रेस ने ऐसा समीकरण बनाया. 

विन्ध्य में टिकिट वितरण से लेकर जीत दिलाने तक की जिम्मेदारी अजय सिंह के कंधो पर होगी और सतना में जिस प्रकार से अजय सिंह ने कांग्रेस को मजबूत किया है वही क्रम नेतृत्व रीवा और विन्ध्य के अन्य जिलों में चाहेगी. पूर्व मंत्री राजमणि पटेल का राज्यसभा जाना सीधा सा संकेत है की केन्द्रीय नेतृत्व बखूबी अजय सिंह द्वारा दिए गए सुझाओं को जमीनी स्तर पर उतार रहा है.


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