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अनशन पर कार्मचारी वर्ग , प्रशासन करता नजरअंदाज

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी तथा आशा और उषा कार्यकर्ता बैठे धरने पर, प्रशासन को नहीं कोई खबर


पिछले कई दिनों से जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी तथा आशा और उषा कर्याकर्ता अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हुए है लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाई नहीं की गई हैं जिसको लेकर अब जहां स्वास्थ्य कर्मचारी विधानसभा घेराव करने की बात कर रहे हैं. वहीं आशा और उषा कार्यकर्ताऐं भी इस मामाले को लेकर सरकार को घेरने की बात कर रही हैं.

दरअसल पिछले 19 फरवरी से अनशन पर बैठे  संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग है कि उन्हे नियमित किया जाए तथा उनके कुछ संविदा साथियों को जिन्हे पहले ही निष्काषित कर दिया गया था उन्हे पुन: बहाल किया जाये. वहीं आशा और उषा कर्याकर्ताओं की भी मांगे हैं कि सरकार उनके नियमितिकरण के लिए भी कुछ करे तथा उनकी वेतनवृध्दि की मांग को भी सरकार के द्वारा स्वीकार्य किया जाये.  

आपको बतादें इन कर्मचारियो का अनशन पिछले कई दिनों से चल रहा है लेकिन फिर भी प्रशासन को इसकी कोई खबर नहीं है ओर ना ही प्रशासन के द्वारा इनकी मांगों को लेकर कुछ काम किया जा रहा है. यहां तक कि स्वास्थ्य कर्मियों को लेकर शुक्रवार के दिन प्रदेश के विधानसभा बजट सत्र में विपक्ष के द्वारा इनकी नियमितकरण पर उठाए गए सवाल को लेकर राज्य के मंत्री लापरवाही भरा बयान दे रहे हैं.और इन स्वास्थ्य कर्मचारियों का नियमित ना किए जाने की बात कर रहे हैं. बतादें स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनशन पर जाने से प्रदेशभर की चिकित्सा व्यावस्था चरमराई हुई है.    


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