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रेलवे को मिली त्रिनेत्र टेक्नोलजी

रीवा के वैज्ञानिक ने रेलवे को दी त्रिनेत्र तकनीक, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित


रीवा । शहर के शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के पुराने छात्र तथा वैज्ञानिक प्रो. आर के साकेत ने अब रेलवे को एक ऐसी तकनीक दी है जिससे कोहरे में भी रेल चलाई जा सकेगी और इस तकनीक को बनाने के लिए राष्ट्रपति ने उन्हे युवा वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया है जिसके बाद विंध्य में हर्ष का माहौल है क्योंकि इससे पहले कभी भी किसी युवा वैज्ञानिक को यह पुरस्कार नहीं दिया गया है.

दरअसल आमतौर देखा यह जाता है कि सर्दी के दिनों में कोहरा व धुंध की वजह से रेल यातायात खासा प्रभावित होता है जिसमें लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेने अपने निर्धरित समय से लेट पहुंचती है जिसके कारण लोगों को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकी रीवा के इंजीनियर ने रेलवे विभाग को त्रिनेत्र टेक्नोलाजी दे दी है जिससे अब कोहरे में भी ट्रेन आसानी से चलाई जा सकेगी.

क्या है त्रिनेत्र टेक्नोलाजी  

आपको बतादें त्रिनेत्र वह टेक्नोलाजी है जिससे घने कोहरे तथा धुंध के बावजूद ट्रेन का लोकोपायलट दो किलोमीटर तक साफ देख सकता है इस टेक्नोलाजी को बनाने के लिए लेसर अथवा रडार युक्त कैमरे का उपयोग किया जाता है जिसकी मदद से पटरियां साफ दिखाई देती हैं. इससे ट्रेनों को उनकी गति के साथ दौड़ाया जा सकता है.


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