VT Update
विन्ध्य में उद्योगों को लगेंगे पंख , मर्जी के मुताबिक उद्योगपतियों को मिलेगी जमीन , लैंड बैंक और लैंड पूल स्कीम से विन्ध्य में विकसित होगा उद्योग खोले गए लबालब बाणसागर के 10 गेट , रीवा, सतना, सीढ़ी, सिंगरौली, और शहडोल में अलर्ट घोषित आर्थिक मंदी के खिलाफ कांग्रेस मध्यप्रदेश समेत पुरे देश में छेड़ेगी आन्दोलन , दिल्ली में हुई पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में सोनिया गाँधी ने दी जानकारी धुंधली होने लगी है विक्रम लैंडर से संपर्क की उम्मीद, लैंडर को नुक्सान पहुचने की आशंका बढ़ी यौन उत्पीड़न मामले में एसआईटी ने भाजपा नेता चिन्मयानंद से 7 घंटे की पूछताछ, चिन्मयानंद के आवास पर उनके बेडरूम की गई तलाशी
Saturday 14th of April 2018 | आंबेडकर जयंती विशेष

आंबेडकर को हैक करने की पॉलिसी


भारतीय राजनीति में जब कोई पार्टी या नेता आंबेडकर को अपना नायक कहते हुए उनके सपनों और विचारों की बात कहता है, तो सहज सवाल मन में आता है कि आंबेडकर के विचारों का मूल क्या था? आंबेडकर की प्राथमिकता में क्या था? आंबेडकर कैसा भारत चाहते थे?

डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय महापुरुषों में अकेली ऐसी विभूति हैं, जिन्हें हर पार्टी अपने नारों में जगह देती है. इसकी वजह साफ है. समाज का बहुसंख्यक तबका, जिसमें दलित और पिछड़े शामिल हैं, अंबेडकर को अपना नायक मानता है. इसके अलावा जो भी प्रगतिशील विचार के लोग हैं, जो भी संविधान को मानने वाले लोग हैं, वे स्वाभाविक तौर पर अंबेडकर के निकट दिखते हैं. आज राजनैतिक दल देशभर को सिर्फ यह बताने में लगे हैं की आंबेडकर के मूल को तो सिर्फ हमारे दल ने ही स्थापित किया है .आंबेडकर पर पूरी तरह से कॉपी राइट की पॉलिटिक्स चल रही है.

बाबा साहब के विचार

  • जीवन लम्बा होने के बजाय महान होना चाहिए। मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता,समानता और भाईचारा सिखाता है। यदि हम एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता  का अंत होना चाहिए। हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।
  • बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो।
  • यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है,तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा। जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते,कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी है। समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

आज राजनीति का माध्यम मात्र हैं आंबेडकर-

वर्तमान राजनैतिक परिस्थितियों पर नजर डाले तो एक बात साफ़ हो जाती है की हर राजनैतिक दल आंबेडकर को अपनी ओर करने के फिराक में रहते हैं.हर राजनैतिक दल का दावा है की हमने आंबेडकर के विचारों का अनुशरण किया.क्या सही मायने में भारतीय राजनीति के ये दल समझ भी पायें है की आंबेडकर आखिर चाहते क्या थे. आप बुरा न माने लेकिन आंबेडकर ऐसा भारत नहीं चाहते थे जैसा की आज आप बनाते जा रहे हैं. आंबेडकर के नाम पर राजनीति का चोला ओढ़कर राजनैतिक दलों ने सिर्फ दबे कुचले समुदाय को सिर्फ राजनीति और वोट बैंक मात्र माना है.

विचारों के वैज्ञानिक की जयंती पर देशभर में अलर्ट-

इस बार सामाजिक समरसता की अलख जगाने वाले डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर देश में कुछ अजीब सा माहौल है. अप्रैल महीने की शुरुआत से ही देशभर में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले खिलाफ भारत बंद किया गया .कुछ दिन बात आरक्षण के विरोध में भारत बंद किया गया और आज आंबेडकर जयंती पर देश भर में अलर्ट जारी किया गया है . अब सुनने में आ रहा है की 25 अप्रैल को देश बंद किया जायेगा.आज देशभर में सामाजिक टकराव का अजीब सा माहौल बना हुआ है. सामाजिक टकराव के इस माहौल में आंबेडकर का नाम लेकर राजनैतिक दल जमकर सियासत कर रहे हैं लेकिन आपको भी बखूबी पता होगा की आम आदमी दलित पिछड़े आज भी कहाँ खड़े हैं.

सियासी दलों के बड़े राजनेताओं से एक ही सवाल है की आज देश की वर्तमान स्थिति पर आप किस स्तर तक चिंतित है और आपकी चिंता का क्या प्रमाण है .आंबेडकर के विचारों के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टियाँ आज हिसाब दें की उन्होंने दलित पिछड़े वंचित तबके के लिए क्या किया है.कहीं ऐसा तो नहीं की चुनावी साल और सिर्फ वोट के लिए आप के ह्रदय में आंबेडकर के विचार लोटते हैं.


दिग्गी के भाई लक्ष्मण ने कांग्रेस दिग्गजों को बताया नकारा, चिदंबरम के वकील औ

आज जन्मेंगे यशोदा के लाल, घर-घर बजेगी बधैया


 VT PADTAL


 Rewa

रीवा के चोरहटा में बाइक सवार की हत्या, गड़ासे से काट कर उतारा मौत के घाट
Tuesday 17th of September 2019
खड्डा गांव के आदिवासी निवासियों ने कलेक्ट्रेट के सामने दिया धरना, कलेक्टर को संबोधित ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर को सौंपा
Tuesday 17th of September 2019
बीएसएनएल के नॅान एग्जक्यूटिव कर्मचारी संगठनों को मान्यता देने डाले गए वोट, 18 सितम्बर को होगी गिनती
Tuesday 17th of September 2019
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित हुई कुशाभाऊ ठाकरे के स्मृति में व्याख्यानमाला, प्रदेश राज्यपाल लालजी टंडन ने किया संबोधित
Tuesday 17th of September 2019
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रीठी में सुविधा की कमी
Sunday 15th of September 2019
कानून व्यवस्था सुधारने में जुटा प्रशासन
Sunday 15th of September 2019