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Sunday 15th of April 2018 | बीजेपी विधायक के बिगड़े बोल

अभी चुनाव नहीं है, मैं यहां वोट मांगने नहीं आई हूं जो करना है कर लेना


Vt input/सागर

मप्र. की बीजेपी सरकार चुनावी साल में किसान सम्मान यात्रा निकाल रही है. योजनाबद्ध तरीके से निकाली जाने वाली किसान सम्मान यात्रा को लेकर बीजेपी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और किसानों की आगामी चुनाव की मंशा को भी भांप रही है. बकायदे कार्यक्रम का नाम है किसान सम्मान यात्रा. दरसल इस यात्रा को लेकर स्थानीय विधायकों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गयी है उसी के तहत विधायक अपने क्षेत्र में यात्रा का आयोजन भी कर रहे हैं .दमोह में भी भाजपा विधायक उमादेवी खटीक किसानों से मिलने निकलीं लेकिन उन्होंने किसानों के सवालों का ऐसा जवाब दिया कि विवाद खड़ा हो गया. हटा विधानसभा क्षेत्र के बिलाई गांव में विधायक उमा देवी खटीक से जब किसानों ने विकास पर सवाल पूछा तो उन्होंने भड़क कर जवाब दिया कि अभी चुनाव नहीं है, मैं यहां वोट मांगने नहीं आई हूं जो करना है कर लेना।

हटा विधायक उमा देवी खटीक बिलाई में किसान सम्मान कार्यक्रम के तहत किसानों का सम्मान करने गई थीं. यहां ग्रामीणों और किसानों ने उनसे विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य न  होने की शिकायत की फिर क्या था विधायक भड़क गयीं. गुस्से में विधायक ने कहा कि वे अभी वोट मांगने नहीं आई हैं, अभी चुनाव नहीं है ग्रामीणों को जो करना है कर लें वे स्वतंत्र हैं.

ग्रामीणों का तो यहाँ तक आरोप है कि उमादेवी खटीक दस साल से हटा से विधायक हैं और चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में केवल दो बार आई हैं और क्षेत्र में विकास भी नहीं हुआ है. इसीलिए ग्रामीणों में उनके प्रति गुस्सा है. जब विधायक भीड़ पर भड़कीं तो वहां मौजूद किसी शख्स ने मोबाइल से ये वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया.

जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो विधायक के सुर बदलने लगे. वीडियो को देख उमा देवी ने सफाई देते हुए कहा कि वे लोगों को विकास के बारे में ही बता रही थीं, लेकिन जब लोग चिल्लाने लगे तो उन्होंने ये सब कहा. इसके साथ ही विधायक ने ये भी कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा उसमें कुछ भी गलत नहीं है.

चुनावी साल में जनप्रतिनिधियों की भाषा वैसे बिगडती ही है .चुनावी साल में क्षेत्र की जनता हिसाब तो मागेगी ही और जवान दिए बिना अगर सत्ता में बैठे विधायक निकले तो अगली बार का इंतजाम भी जनता कर ही देती है


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