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विकास से भटका विधानसभा क्षेत्र

विकास से भटका विधानसभा क्षेत्र, मूलभूत सुविधाओं को तरस रही जनता


रीवा । जिले के सेमरिया विधानसभा में जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार जनता खफा होती दिख रही है क्योंकि वहां के लोगों को विकास के इस दौर में भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है आज भी विधानसभा क्षेत्र सेमरिया के कई गांव ऐसे छूट रहे है जहां पर लोग पानी और सड़क से परेशान है.

दरअसल 180643 मतदाता वाला यह विधानसभा क्षेत्र जो पिछले दस वर्षों से बीजेपी के कब्जे में रहा है इस कारण इसे भाजपा का गढ़ भी माना जा सकता है क्योंकि वर्ष 2008 में अभय मिश्रा बीजेपी सेमरिया से विधायक बने थे हालाकि अब तो वह कांग्रेस में शामिल हो चुकें हैं जिसके कारण आने वाले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को इसका नुकसान भी उठाना पड़ा सकता है. इसके साथ ही वर्ष 2013 में भाजपा ने पुन: विधायक प्रत्यशी के रूप में अभय मिश्रा की पत्नी नीलम मिश्रा को चुना. जिसमें नीलम मिश्रा ने बसपा प्रत्याशी पंकज सिंह को 5856 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी. सेमरिया विधानसभा के जातीय समीकरण की बात करें तो वह ब्रम्हण बहुल्या क्षेत्र है लेकिन फिर भी हमेशा ही वहां पर पिछडा वर्ग ने मतों को प्रभावित किया है.

जनता का कहना है कि जब से नीलम मिश्रा को विधायक के रुप में चुना गया है तब से ही विकास की गति थम सी गई है. सेमरिया विधानसभा में मतदाताओं की बात करें तो महिला 88,555 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 92,088 है.आपको बता दें सेमरिया दस्यू प्रभावित क्षेत्र है जिसके कारण वहां की जनता हमेशा ही भय के साये में जी रही है लेकिन ना तो प्रशासन और ना ही कोई जनप्रतिनिधी इस पर कोई खास एक्सन ले रहे है.


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