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अप्रैल के साथ भर्ती की आस खत्म

अप्रैल के साथ भर्ती की आस खत्म, अब कब होगी संविदा शिक्षक भर्ती परीक्षा


आखरी बार सन 2011 में संविदा शिक्षकों की भर्ती हुई थी जिसके बाद अब तक दोबारा भर्ती करना प्रदेश सरकार के द्वारा संभव नहीं हो सका जिसके लिए अब 2012 से भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे 12 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए निराश कर देने वाली खबर आ रही है. सूत्रों का कहना है कि मप्र संविदा शाला शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 में भी नहीं होगी सरकार ने तय किया है कि अब यह परीक्षा चुनाव के बाद कराई जाएगी इसके अलावा सरकार की दलील है कि अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन का ऐलान कर दिया गया है जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, नई भर्ती नहीं कराई जाएगी.

दरअसल प्रदेश के अंदर 31,658 पदों के लिए इस परीक्षा का ऐलान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया था उन्होंने कहा था कि अप्रैल के अंत तक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और जुलाई तक परीक्षाएं संपन्न करा ली जाएंगी 'नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई)" के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्तमान में 70 हजार शिक्षकों की कमी है खाली पदों पर संविदा शिक्षकों की भर्ती की कवायद वर्ष 2013 से चल रही है.

चुनावी साल होने के कारण सरकार ने एक बार फिर भर्ती प्रक्रिया में रुचि दिखाई थी, लेकिन चयन परीक्षा से ठीक पहले अध्यापकों के संविलियन का मुद्दा आ गया सूत्र बताते हैं कि इसे आधार बनाकर सरकार ने चयन परीक्षा फिलहाल रोक दी है ज्ञात हो कि वर्ष 2011 के बाद प्रदेश में संविदा शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है.

राज्य सरकार पिछले छह साल में शिक्षकों की भर्ती नहीं करा पाई है चुनावी फायदा उठाने के लिए सरकार ने वर्ष 2013 में भर्ती कराने की घोषणा की थी जिसके बाद भर्ती नियम बनाने और उनमें लगातार संशोधन करने में पांच साल निकाल दिए अब दूसरे विधानसभा चुनाव आए, तो सरकार शिक्षकों की भर्ती को लेकर फिर से गंभीर हो गई सरकार को चुनाव में इसका फायदा मिलने की उम्मीद है अब जबकि भर्ती प्रक्रिया रुक गई है, तब भी सरकार के पास वोटरों को बताने के लिए है कि हम संविदा नहीं अब शिक्षकों के नियमित पदों पर भर्ती करेंगे हालांकि ऐसा कहकर फिर अगले चुनाव तक मामला खींचा जा सकता है.


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