अब कोरोना वायरस से बचने के लिए लिया जाएगा आयुर्वेद का सहारा

अब कोरोना वायरस से बचने के लिए लिया जाएगा आयुर्वेद का सहारा

मध्य प्रदेश लघु वनोपज संघ और आयुष विभाग मिलकर कोरोना से बचाव के लिए जीवन अमृत योजना प्रारंभ करेंगे. इस योजना के तहत जंगली जड़ी बूटियों से आयुर्वेदिक चूर्ण और काढ़ा तैयार कर आमजन को वितरित किया जाएगा. मध्य प्रदेश लघु वनोपज संघ वर्तमान में भोपाल के बरखेड़ा पठानी स्थित आयुर्वेदिक औषधियां तैयार करने वाली इकाई में त्रिकटा चूर्ण तैयार कर रहा है. केंद्र सरकार ने इसे कोरोना से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के रूप में उपयोगी बताते हुए इसका वितरण करने के निर्देश दिए हैं.
आयुष विभाग, लघु वनोपज संघ से त्रिकटा चूर्ण के 26 लाख पैकेट तैयार करवा रहा है. यह पैकेट पूरे प्रदेश भर में कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में मुफ्त बांटे जाएंगे. इस चूर्ण का काढ़े के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है. त्रिकटा चूर्ण सौंठ, पिपरी और काली मिर्च को मिलाकर तैयार किया गया है. लघु वनोपज संघ ऐसे 50-50 ग्राम के पैकेट तैयार कर रहा है जो आम लोगों को नि:शुल्क बांटने की तैयारी है.
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आयुष विभाग जीवन अमृत योजना के तहत इस चूर्ण का वितरण पूरे प्रदेश में कराएगा. यह चूर्ण  कोरोना पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति और कोरोना के संदिग्ध मरीजों को लेना उपयोगी साबित होगा. माना जा रहा है कि इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और कोरोना से लड़ने में वे सफल साबित होंगे. मध्य प्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ इस चूर्ण का वृहद स्तर पर निर्माण करा रहा है, ताकि इसे पूरे प्रदेश के लाखों लोगों को नि:शुल्क वितरित किया जा सके.
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कोरोना से लड़ने के लिए लोगों में इम्यूनिटी पावर बढ़ाए जाने के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे जिसके तहत आयुर्वेद के इस्तेमाल को बढ़ावा देने को कहा गया था. उसी के तहत प्रदेश में अब आयुर्वेद के जरिए कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी है. इसके लिए लघु वनोपज संघ और आयुष विभाग मिलकर काम करेंगे.