मनरेगा में लगभग 9 लाख परिवारों के खाते में पहुँची 199 करोड़ की मजदूरी

कोविड-19 के दौर में वापस घर आ रहे श्रमिकों और ग्रामीण अंचल में निवासरत श्रमिकों के लिए महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी स्कीम उम्मीद की बड़ी किरण बन गई है। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानव दिवस सृजन करने के मान से अभी तक 8.91 लाख परिवारों को 199 करोड़ रूपये की मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। मजदूरी भुगतान का काम ऑनलाइन लगातार जारी है।अपर मुख्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा, रोजगार मुहैया कराने का सशक्त माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 22809 ग्राम पंचायतों में से 22477 ग्राम पंचायतों में स्थानीय समुदाय की माँग के अनुसार रोजगार-मूलक कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। इन पंचायतों में जल-संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, कच्चे सड़क मार्गों का निर्माण, मेढ़ बंधान, तालाब निर्माण, पहाड़ो पर ट्रेंच निर्माण जैसे एक लाख 50 हजार 433 कार्य प्रगतिरत है। इन कार्यों में 18 लाख 81 हजार श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मनरेगा के तहत कराये जा रहे निर्माण कार्यों में कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गये हैं। कार्य स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ, मास्क का पहनना अनिवार्य तथा तम्बाकू और धूम्रपान का उपयोग पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है।मजदूरी भुगतान प्रक्रिया के संबंध में श्री श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि साप्ताहित मस्टर रोल के आधार पर एन.आई.सी. के माध्यम से सीधे हितग्राही के बैंक खाते में मजदूरी की राशि जमा की जा रही है। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहती है।

मनरेगा में लगभग 9 लाख परिवारों के खाते में पहुँची 199 करोड़ की मजदूरी
कोविड-19 के दौर में वापस घर आ रहे श्रमिकों और ग्रामीण अंचल में निवासरत श्रमिकों के लिए महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी स्कीम उम्मीद की बड़ी किरण बन गई है। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानव दिवस सृजन करने के मान से अभी तक 8.91 लाख परिवारों को 199 करोड़ रूपये की मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। मजदूरी भुगतान का काम ऑनलाइन लगातार जारी है।अपर मुख्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा, रोजगार मुहैया कराने का सशक्त माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 22809 ग्राम पंचायतों में से 22477 ग्राम पंचायतों में स्थानीय समुदाय की माँग के अनुसार रोजगार-मूलक कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। इन पंचायतों में जल-संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, कच्चे सड़क मार्गों का निर्माण, मेढ़ बंधान, तालाब निर्माण, पहाड़ो पर ट्रेंच निर्माण जैसे एक लाख 50 हजार 433 कार्य प्रगतिरत है। इन कार्यों में 18 लाख 81 हजार श्रमिकों को रोजगार प्राप्त हो रहा है।अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मनरेगा के तहत कराये जा रहे निर्माण कार्यों में कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गये हैं। कार्य स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ, मास्क का पहनना अनिवार्य तथा तम्बाकू और धूम्रपान का उपयोग पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है।मजदूरी भुगतान प्रक्रिया के संबंध में श्री श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि साप्ताहित मस्टर रोल के आधार पर एन.आई.सी. के माध्यम से सीधे हितग्राही के बैंक खाते में मजदूरी की राशि जमा की जा रही है। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहती है।