घमासान :चौधरी राकेश सिंह को टिकट दिया तो पार्टी से दे दूंगा इस्तीफा:अजय सिंह

मध्यप्रदेश में उप चुनाव की तैयारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू है कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौतियां हैं क्योंकि तमाम सीटों पर प्रत्याशियों का चयन करना है और नई जमावट तैयार कर देंगे इन्हीं सब तैयारियों को लेकर कमलनाथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।

 पूर्व सीएम कमलनाथ के द्वारा मंगलवार को ग्वालियर-चंबल अंचल के पार्टी पदाधिकारियों की बुलाई बैठक में पार्टी की अंदरूनी कलई खुलकर सामने आ गई। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने नाथ के सामने ही कह दिया कि कि भिंड जिले की मेहगांव सीट से यदि चौधरी राकेश सिंह को टिकट दिया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे। नाथ ने बैठक 16 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई थी। उन्होंने बैठक के शुरुआत में ही कह दिया था कि किसे टिकट दिया जाए, किसे नहीं यह सर्वे के बाद तय होंगा। इस दौरान अजय सिंह ने कहा कि मेहगांव से तो यह प्रचारित किया जा रहा है कि चौधरी राकेश का टिकट हो गया है। नाथ ने कहा कि अभी टिकट किसी का फाइनल नहीं हुआ है सर्वे में जिसका नाम आएगा, उसे टिकट मिलेगा।

अजय सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति चलते सदन में उप नेता रहते हुए पार्टी छोड़कर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा में चला जाए क्या ऐसे व्यक्ति को टिकट देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लोगों को ही टिकट देना है तो फिर हमारी क्या जरूरत। यदि ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया जाता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। सिंह का पूर्व मंत्री और भिंड जिले से वरिष्ठ विधायक डा. गोविंद सिंह ने भी समर्थन किया। भिंड जिला अध्यक्ष जय श्रीराम बघेल ने तो यहां तक कह दिया कि यदि ऐसा होता है तो पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के इस्तीफे हो जाएंगे। हालाकि इस बारे में अजय सिंह, डा.गोविंद सिंह और बघेल से संपर्क किया गया तो तीनों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

यह है मामला
वर्ष 2011-12 में भाजपा सरकार के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था उस दौरान चलते विधानसभा सत्र में उपनेता रहे चौधरी राकेश ने कह दिया था कि वे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करते हैं। इस तरह कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था और राकेश ने भाजपा का दामन थाम लिया था। वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनके छोटे भाई मुकेश चौधरी को मेहगांव से टिकट दिया और वे चुनाव जीत गए थे। 2018 में फिर भाजपा ने राकेश को भिंड से टिकट दिया जहां से वे हार गए थे उसके बाद से ही वे कांग्रेस में आने के लिए प्रयासरत थे। शिवपुरी में ज्योतिरादित्या सिंधिया ने जब लोकसभा का नामांकन भरा था तब चौधरी राकेश भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए थे।
सिंधिया के खिलाफ बयानबाजी
विधानसभा चुनाव-2018 के दौरान कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू पार्टी से बाहर हो सकते हैं। प्रेमचंद ने हाल ही में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके गुट के तुलसी सिलावट के विरोध में न केवल बयानबाजी की, बल्कि इंदौर जिले की सांवेर सीट पर जाकर पार्टी विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया। भाजपा प्रदेश हाईकमान ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रेमचंद को नोटिस दे दिया है। साथ ही स्पष्टीकरण के लिए सात दिन की मोहलत दी है।

News source- dainik bhaskar