भय्यू महाराज आत्महत्या मामला, किस बात से परेशान थे भय्यू महाराज

भय्यू महाराज आत्महत्या मामला, किस बात से परेशान थे भय्यू महाराज

प्रदेश के चर्चित भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में बुधवार को जिला कोर्ट में करीब 5 घंटे तक सुनवाई चली। अपर सत्र न्यायाधीश महेंद्र जैन की कोर्ट में महाराज के करीबी और उनके पंडित शेखर शर्मा ने दो सत्रों में अपने बयान दर्ज कराए। आरोपियों के वकीलों ने उनका प्रतिपरीक्षण किया। एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर के मुताबिक शर्मा ने बताया कि सिल्वर स्प्रिंग के पास ही फेस-1 में आयुषी के पिता भी किराए से रहते थे।

 महाराज के कहने पर उसका किराया मनमीत जमा किया करते थे। एक बार आयुषी के पिता ने महाराज से नया मकान लेने के लिए एक करोड़ रुपए मांगे थे और राज्य मंत्री का दर्जा दिलवाने की भी बात की थी। उनकी इन बातों से महाराज परेशान होते। महाराज की जिस दिन मौत हुई उस दिन शेखर घर पर ही मौजूद थे। महाराज और आयुषी के अलावा आयुषी और बेटी के बीच विवाद की बात भी शेखर ने स्वीकार की। उनके सामने एक बार आयुषी और महाराज का विवाद हुआ था जिसके बाद आयुषी ने अपने हाथ की नस काट ली थी।

 डॉ. पवन राठी ने उनकी घर पर ही ड्रेसिंग की थी। आयुषी ने महाराज को अपशब्द कहे थे और दरवाजा पटक कर चली गई थी, इस पर महाराज ने अपना सिर पकड़ लिया था और कहा था, क्या डॉक्टर को अपने मन की बात भी नहीं बताऊं। महाराज, पहली पत्नी माधवी और कुहू की घर में लगी तस्वीरें हटाने को लेकर भी आयुषी द्वारा विवाद करने की बात शेखर ने स्वीकार की है। शेखर ने बताया महाराज की मौत वाले दिन कई लोगों के फोन घर पर आए थे उनमें हालिया कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के घर से भी फोन आया था।

एडवोकेट आशीष चौरे ने बताया, अब तक इस केस में कुल 19 गवाहों के बयान हो चुके हैं। बुधवार को शेखर शर्मा भी पक्षद्रोही हो गए हैं। उनके सामने आरोपी शरद का मोबाइल जब्त करने की बात से शेखर ने इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा पुलिस ने मेरा मोबाइल जरूर जब्त किया था और कुछ दिन बाद लौटा दिया था। शेखर के मोबाइल की जानकारी मुझे नहीं है। चौरे ने बताया अब तक कुल सात गवाह पक्षद्रोही हो चुके हैं जिनमें से चार सेवादार हैं। शेखर भी घर की पूजापाठ करता था और महाराज के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के रूप में काम संभालता था। बुधवार को प्रतिपरीक्षण पूरा नहीं होने पर कोर्ट ने गुरुवार को शेखर को फिर बुलाया है।