बजट सत्र- २०२१-२२ जानिये किसे क्या मिला

बजट सत्र-  २०२१-२२ जानिये किसे क्या मिला


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार  को संसद में साल 2021-22 के लिए बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने बजट में सबसे ज्यादा हेल्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर  पर फोकस किया. इसके बाद उन्होंने बैंकिंग, शिक्षा, इंश्योरेंश और किसान के लिए कई घोषणाएं की.

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को बजट में क्या मिला

- वित्त मंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट की जरूरत है और इसके लिए एक बिल लाया जाएगा.
- फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, ताकि 5 लाख करोड़ रुपये का लैंडिंग पोर्टफोलियो 3 साल में बनाया जा सके.
- बंगाल, तमिलनाडु और केरल में नए इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है.
- तमिलनाडु में नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट (1.03 लाख करोड़) का ऐलान किया गया है, इसी में इकॉनोमिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे. इसके अलावा केरल में भी 65 हजार करोड़ रुपये के नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे, मुंबई-कन्याकुमारी इकॉनोमिक कॉरोडिर का ऐलान.
- देश में 7 टेक्स्टाइल पार्क बनाए जाएंगे ताकि इस क्षेत्र में भारत निर्यात करने वाला देश बने। ये पार्क तीन साल में तैयार किए जाएंगे.
- जम्मू-कश्मीर में भी गैस पाइपलाइन योजना की शुरुआत करने की घोषणा.
- उज्ज्वला योजना के तहत एक करोड़ और लाभार्थियों को जोड़ा जाएगा, अभी तक 8 करोड़ लोगों को ये मदद दी गई.
- बिजली क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की योजनाएं लॉन्च की गईं, जिससे देश में बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद मिलेगी.

स्वास्थ्य सेक्टर को क्या मिला-

- साल 2021-22 के लिए स्वास्थ्य सेक्टर को 2.38 लाख करोड़ रुपये आवंटित होंगे. ऐसे में स्वास्थ्य बजट पिछले साल के मुकाबले 135 फीसदी बढ़ गया है.
- कोविड वैक्सीन के लिए साल 2021-22 के लिए 35 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं. अगर जरूरत पड़ी तो और आवंटित किया जाएगा.
- केंद्र की एक नई योजना प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लॉन्च की जाएगी, इस योजना पर 6 वर्षों में करीब 64180 करोड़ खर्च होगा.
- वित्त वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर 223846 करोड़ खर्च होंगे.
- मिशन पोषण 2.0 शुरू किया जाएगा और न्यूट्रिशन पर भी ध्यान दिया जाएगा . 5 साल में 2.87 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे.
- शहरी स्वच्छ भारत मिशन पर 1.48 लाख करोड़ 5 साल में खर्च होंगे और शहरी इलाकों के लिए जल जीवन मिशन शुरू किया जाएगा.
- निमोकोक्कल वैक्सीन को देशभर में शुरू किया जाएगा, जिससे 50 हजार बच्चों की जान हर साल बचाई जा सकेगी.
- इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा, ताकि पब्लिक हेल्थ लैब्स को कनेक्ट कर सकें.
- देशभर में 15 हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर्स शुरू किए जाएंगे. इसके अलावा 9 बायो सेफ्टी लेवल 3 लैब शुरू होंगी.

 रेलवे के लिए की गई घोषणाएं

- रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि आवंटित, जिसमें 1,07,100 करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए हैं.
- भारतीय रेलवे ने भारत के लिए 2030 में एक राष्ट्रीय रेल योजना तैयार की है. यह योजना 2030 तक भविष्य के लिए तैयार रेलवे प्रणाली बनाने की है.
- जून 2022 तक ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तैयार हो जाएगा. सोमनगर-गोमो सेक्शन पीपीपी मोड में बनाया जाएगा.
- मेक इन इंडिया को सक्षम करने के लिए वित्त मंत्री ने रणनीति के मूल में एक उद्योग की लागत को नीचे लाने का ऐलान किया.
- दिसंबर 2023 तक 100 फीसदी ब्रॉडगेज का इलेक्ट्रिफिकेशन होगा.
- यात्रियों का अनुभव बढ़ाने के लिए विस्टा डोम कोच शुरू होंगे. इसके अलावा हाई डेंसिटी नेटवर्क, हाई यूटिलाइज नेटवर्क पर ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम शुरू किए जाएंगे. ये सभी सिस्टम देश में ही बनेंगे.

एजुकेशन सेक्टर के लिए ऐलान

- 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे, इसमें एनजीओ, राज्य सरकारों और प्राइवेट सेक्टर की मदद ली जाएगी.
- वित्त मंत्री ने बजट भाषण में हायर एजुकेशन कमीशन बनाने की घोषणा की. इसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा.
- वित्त मंत्री सीतारमण ने लद्दाख के लेह में सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की भी घोषणा की.
- आदिवासी इलाकों में 758 एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे. एक स्कूल पर 38 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
- अनुसूचित जातियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये के स्कॉलरशिप दिए गए. इससे चार करोड़ स्टूडेंड को फायदा हुआ.
- नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाया जाएगा. इस पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे.
- गुड गवर्नेंस-ट्राइब्यूनल रिफॉर्म के लिए नए प्रस्ताव का ऐलान.
- नेशनल कमीशन फॉर अलायड प्रोफेशनल एक्ट लाया जाएगा.
- वित्त मंत्री ने नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाफरी बिल लाने की बात कही.

किसानों के लिए सरकार की घोषणाएं-

- वित्त मंत्री ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर उत्पादन लागत का 1.5 गुना किया गया है और सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है.
- 2020-21 में किसानों को गेहूं के लिए 75,060 करोड़ रुपये, दालों के लिए 10,503 करोड़ रुपये और धान के लिए भुगतान राशि 1,72,752 करोड़ रुपये भुगतान होने का अनुमान है.
- कृषि उत्पादों के निर्यात में 22 और उत्पादों को शामिल किया जाएगा.
- गेहूं उत्पादन करने वाले लाभान्वित किसानों की संख्या 2019-20 में 35.57 लाख से बढ़कर 2020-21 में 43.36 लाख हो गई है.
- 2021-22 में एग्रीकल्चर क्रेडिट टारगेट 16.5 लाख करोड़ का है.
- कोच्चि, चेन्नई, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और पेटुआघाट जैसे शहरों में 5 बड़े फिशिंग हार्बर बनेंगे. तमिलनाडु में मल्टीपर्पज सी-विड पार्क बनेगा.
- एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड तक एपीएमसी की भी पहुंच होगी.

 मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बड़ी घोषणाएं

- मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार और सिटी बस सेवा की वृद्धि के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन के हिस्से को बढ़ाने के लिए काम होगा.
- 702 किलोमीटर मेट्रो अभी चल रही हैं और 27 शहरों में कुल 1016 किलोमीटर मेट्रो पर काम चल रहा है.
- कम लागत से टियर-2 शहरों में मेट्रो लाइट्स और मेट्रो नियो शुरू होंगी.
- कोच्चि मेट्रो में 1900 करोड़ रुपये की लागत से 11 किलोमीटर हिस्सा बनाया जाएगा.
- चेन्नई में 63 हजार करोड़ रुपये की लागत से 180 किमी लंबा मेट्रो रूट बनेगा.
- बेंगलुरु में 14788 करोड़ रुपए से 58 किमी लंबी मेट्रो लाइन बनेगी.
- नागपुर में 5976 करोड़ और नासिक में 2092 करोड़ रुपये से मेट्रो बनेगी.