विधानसभा में पेश हुआ धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का विरोध

विधानसभा में पेश हुआ धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का विरोध

मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने सरकार द्वारा लव जिहाद को रोकने के लिए लाए गए धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश को पटल पर रखा। साथ ही सहकारी सोसायटी संशोधन अध्यादेश, लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अध्यादेश, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन अध्यादेश, मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि संशोधन अध्यादेश पटल पर रखे।

शून्यकाल के दौरान कांग्रेस के विधायकों ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों के खिलाफ बहिर्गमन किया। वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि महंगाई के खिलाफ हमारा यह विरोध जारी रहेगा। कांग्रेस के विधायक महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन के बाहर चले गए।

कांग्रेस के विधायक कमलेश्वर पटेल ने सीधी बस हादसे पर सदन में काम रोक कर चर्चा कराए जाने की मांग उठाई। इस पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। कल (मंगलवार) को जब निधन उल्लेख में इस पर आपको अपनी बात रखनी थी पर आपने कुछ नहीं कहा। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि गंभीर मामलों में राजनीति करना ठीक नहीं है वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में कांग्रेस के सरकार पर निर्माण कामों में पक्षपात करने का आरोप पर पलटवार किया। उन्होंने जबलपुर से कांग्रेस विधायक संजय यादव के ग्राम जमुनिया के बड़ादेव पुरानापानी से जुड़े निर्माण कार्य से जुड़े सवाल पर चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदस्य की रुचि निर्माण में नहीं है। वे यह सिद्ध करना चाहते हैं कि भाजपा सरकार पक्षपात कर रही है जो सही नहीं है। हम वैसा नहीं सोचते हैं जैसा उस (कांग्रेस) सरकार के समय हुआ था। भाजपा के विधायकों के काम चुन-चुन कर काटे गए थे। भाजपा आदिवासी विरोधी हो ही नहीं सकती है। चार माह कोरोनाकाल में टैक्स का पैसा ही नहीं आया। सभी स्वीकृत काम पूरे किए जाएंगे, चाहे वह इधर (भाजपा विधायक) के हो या उधर कांग्रेस के विधायक के। यह हमारी यानी भाजपा की सरकार है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्जमाफी जैसे मामलों मैं भाजपा विधायकों के क्षेत्र काट दिए थे। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने आपत्ति उठाते हुए कहा कि यह सरासर गलत है। पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने ने कहा कि बजट की उपलब्धता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा