कोरोना काल में बच्चों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे स्कूल, निर्देशों का पालन नहीं करने पर मान्यता समाप्त

कोरोना काल में बच्चों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे स्कूल, निर्देशों का पालन नहीं करने पर मान्यता समाप्त

विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में चाहे CBSE स्कूल हो या फिर माध्यमिक शिक्षा मंडल से अधिमान्य स्कूल कोई भी कोरोना काल में बच्चों से सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकेंगे। यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता है तो उसकी अधिमान्यता समाप्त की जाएगी। उन्होंने सदन में कहा कि सरकार आज ही सभी जिलों कलेक्टर को निर्देश जारी करेगी। इससे पहले महिदपुर से BJP विधायक बहादुर सिंह चौहान ने धार के एक स्कूल का मामला सदन में उठाया था। इस पर कांग्रेस और BJP के कई विधायकों ने आरोप लगाया कि कई स्कूल बच्चों से पूरी फीस ले रहे हैं। यदि कोई अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहा है तो बच्चों को परीक्षा से वंचित किया जा रहा है।

आपको बता दें मध्यप्रदेश विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब दो विधायक सदन की कार्रवाई में ऑनलाइन जोड़ें गए । मंडला से विधायक नारायण सिंह ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा के मामले में जनजातीय मंत्री मीना सिंह से सवाल किया। इसी तरह कांग्रेस विधायक डॉ अशोक मर्सकोले ने भी विधानसभा में अपने सवाल का जवाब ऑनलाइन लिया। हालांकि इसको लेकर संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अध्यक्ष की अनुमति से यह व्यवस्था जारी रहेगी लेकिन यह विशेष परिस्थितियों में ही इस तरह की अनुमति दी जाए ताकि सदन की गरिमा और गंभीरता बनी रहे।

बजट सत्र के छठवें दिन सोमवार 1 मार्च को लव जिहाद के खिलाफ लागू धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2021 पाारित हो सकता है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन में इस विधेयक पर बहस करने के लिए मात्र 15 मिनिट का समय निर्धारित किया है। विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कांग्रेस ने इस संवेदनशील कानून पर चर्चा करने के लिए डेढ़ घंटे का समय तय करने का सुझाव दिया था। विधानसभा में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रस्तुत करेंगे।
सरकार इस कानून को 6 माह की अवधि के लिए अध्यादेश के माध्यम से 9 जनवरी 2021 को प्रदेश में लागू कर चुकी है। इसमें प्रलोभन देकर, बहलाकर, बलपूर्वक या मतांतरण करवाकर विवाह करने या करवाने वाले को एक से लेकर दस साल के कारावास और अधिकतम एक लाख रुपये तक से दंडित करने का प्रावधान है।
अध्यादेश लागू करने के बाद से 11 फरवरी तक 23 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें भोपाल संभाग में सात, इंदौर संभाग में पांच, जबलपुर व रीवा संभाग में चार-चार और ग्वालियर संभाग में तीन मामले दर्ज हैं।
विधानसभा में इसके अलावा निजी विश्वविद्यालय संशोधन, डॉ. बीआर आंबेडकर, पंडित एसएन शुक्ला और भोज मुक्त विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे। पन्ना नेशनल पार्क के विस्तार के लिए विस्थापित किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका न देने और छतरपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने के मुद्दे ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाए जाएंगे।
सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट 2 मार्च मंगलवार को विधानसभा में पेश करेगी। इससे एक दिन पहले यानी सोमवार को सरकार मध्य प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण विधानसभा सदस्यों को सरक्यूलेट करेगी। हालांकि इस सर्वेक्षण को सदन पटल पर नहीं रखा जाता है।
पन्ना नेशनल पार्क से विस्थापित किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका का मुद्दा भी विधानसभा में उठेगा। विधायक विक्रम सिंह ने इसको लेकर ध्यानार्षण लगाया है। इसमें कहा गया है कि नेशनल पार्क से विस्थापित किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका नही दिए जाने के कारण आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इस जवाब सदन में वन मंत्री विजय शाह देंगे।