बायोलॉजिकल वॉरफेयर के खिलाफ देश में चल रही है रिसर्च , सीडीएस ने किया खुलासा

बायोलॉजिकल वॉरफेयर के खिलाफ देश में चल रही है रिसर्च , सीडीएस ने किया खुलासा

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के मुताबिक, हालांकि ये मानना कि कोविड-19 वायरस एक बायोलॉजिकल-वैपन है बेहद जल्दबाजी है, लेकिन देश की रिर्सच-कम्युनिटी बायोलॉजिकल वॉरफेयर पर काम कर रही है ताकि भविष्य में होने वाले किसी खतरे से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके.

सीडीएस जनरल बिपिन रावत शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उसी दौरान एबीपी न्यूज के सवाल पर जनरल रावत ने भरोसा दिलाया कि पूरी दुनिया सहित आईसीएमआर यानि इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च‌ इस बात पर गहन रिसर्च कर रही है कि कोविड-19 वायरस को बायोलॉजिकल-वॉरफेयर में तो इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

बिना ज्यादा जानकारी दिए बगैर सीडीएस ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि "अगर इस तरह की कोई समस्या आती है (यानि बायोलॉजिकल वॉरफेयर की) तो हमारे यहां आईसीएमआर है जो इसको देखती है. हम इस पर विचार करते रहेंगे." सीडीएस के साथ इस प्रेस कांफ्रेंस में थलसेना प्रमुख, जनरल एम एम नरवणे, वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह भी मौजूद थे.जनरल रावत ने कहा कि जब से कोरोना वायरस ने हमारे देश में दस्तक दी है तभी से हमारे मेडिकल साईंटिस्ट ने तुरंत कारवाई की और काउंटर-मेजर्स निकालने शुरू कर दिए. उन्होने कहा, "मुझे यकीन है कि कोरोना वायरस के खिलाफ दवाई हमारे देश में ही निकेलगी."इस‌ मौके पर बोलते हुए थलसेना प्रमुख, जनरल एम एम नरवणे ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमित आतंकी पाकि‌स्तान से भारत की सीमा में घुसपैठ कर सकते हैं. लेकिन उन्होनें कहा कि जम्मू कश्मीर में ऑपरेशन लगातार ज़ारी है, ऑपरेशन में कोई कमी नही आई है. सुरक्षाबलों के लिए प्रोटोकॉल जारी किए गए है उसके तहत ही ऑपरेशन किए जा रहे है. एनकाउंटर में आतंकियो के मारे जाने के बाद कागजी कारवाई कर के पुलिस को दे दी जाती है, हमारी तरफ से पूरी सावधानियां बरती जा रही है.

फर्जी 'आरोग्य सेतु' एप पर जनरल नरवणे ने कहा कि "हमे पता चला है की एसी कोशिश की जा रही है की ऐसा कुछ हो सकता है और जिसके चलते साथ हमने एडवाइज़री जारी की है कि एप को सिर्फ सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक जगह से ही डाउनलोड करें."

विदेशों में फंसें भारतीयों को स्वदेश वापस लाने पप वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया ने कहा कि हमारे (वायुसेना) के करीब 30 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट तैयार हैं, अगर सरकार (विदेश मंत्रालय) से ऐसी कोई जरूरत का अनुरोध आता है तो हम उन्हें ले आएंगे. नौसेना प्रमुख ने भी कहा कि युद्धपोतों कए जरिए हम 'ब्रिज' बना सकते हैं अपने नागरिकों को निकालने के लिए.

news source-abp news