छत्तीसगढ़ : कोरोना संक्रमण के बीच मनेगा गणेशोत्सव

छत्तीसगढ़ : कोरोना संक्रमण के बीच मनेगा गणेशोत्सव

गणेशोत्सव की तैयारियों में जुटी शहर की समितियां भी कोरोना काल में गणेशोत्सव के लिए जारी दिशा-निर्देश के बाद अब पीछे हट रही है. गणेशोत्सव की शुरूआत 22 अगस्त से होनी है. कोरोना संक्रमण के चलते गणेश पंडालों में बनाए जाने वाली व्यवस्था और नियमों के कारण छोटी समितियों ने तो अभी से हाथ खीचने शुरू कर दिए हैं. बड़ी समितियां भी लाकडाऊन के नियमों के आधार पर तैयारी कर रही है, लेकिन कई नियम ऐसे भी हैं जिन्हें समितियों द्वारा पूरा करने में हाथ पांव फूल रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान प्रशासन द्वारा जारी गाइड लाइन के बाद समितियों ने पंडालों का आकार छोटा करने का फैसला कर लिया है. इसमें स्थापित की जाने वाली मूर्तियों के आकार भी नियमों के मुताबिक चार फीट ऊंचाई तक के ही रखे जाएंगे. समितियों द्वारा बाकी समय में बनाए जाने वाले बड़े और भव्य पंडाल इस बार नजर नहीं आएंगे. बस स्टैंड में फतेह मैदान में विराजित होने वाली गणेश प्रतिमा भी इस बार अपेक्षाकृत काफी छोटी होगी. रिद्धि-सिद्धि नवयुवक समिति के आयश सिंह ने बताया कि गाइड लाइन के दिशा-निर्देश के पालन के साथ ही इस बार का गणेशोत्सव होगा. इसके लिए पंडाल को काफी छोटा बनाया जाएगा. वहां किसी के भी घुसने की इजाजत नहीं होगी. संक्रमण रोकने होंगें सभी उपाय, कैमरा लगाने में समितियां परेशान प्रशासन द्वारा गणेशोत्सव के लिए जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने समितियों ने तैयारियां कर ली है, लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत नियमों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश को लेकर है. हर समिति इतनी बड़ी और सक्षम नहीं है कि चार सीसीटीवी कैमरे लगवा सके. इसके लिए समितियों द्वारा पंडाल में आने-जाने वालों के नाम दर्ज करने रजिस्टर रखने की तैयारी की जा रही है. ताकि आने-जाने वाले की आसानी से पहचान हो सके. पंडालों में आवाजाही प्रतिबंधित की जाएगी. लोग बाहर या सड़कों से ही गणेश प्रतिमा का दर्शन कर सकेंगे. पंडालों में भी सदस्यों को रोटेशन में पूजापाठ के लिए तैयार किया जाएगा. ताकि कम सदस्य मौजूद हो पाए. पंडालों में सेनेटाइजर, साबुन, सहित संक्रमण रोकने अन्य उपाय और व्यवस्था बनाए जाने की तैयारी है. पंडाल में मौजूद लोग मास्क युक्त होकर सोशल डिस्टेंस का पालन करेंगे. गणेशोत्सव के संबंध में ये है दिशा-निर्देश गणेशोत्सव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. आदेश में मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 4 बाई 4 फीट से अधिक नहीं, मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 बाई 15 फीट से अधिक न हो, पंडाल के सामने कम से कम 5 हजार वर्गफीट की खुली जगह, पंडाल एवं सामने खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो. मंडप व पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए पृथक से पंडाल न हो, दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगाने, किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक नहीं होने, मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा एक रजिस्टर संधारित करने जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके. कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 4 सीसीटीवी लगाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके. मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा. ऐसा पाए जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जएगी. मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सिमीटर, हैंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी. थर्मल स्क्रीनिंग बुखार पाए जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य व विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं दिए जाने की जिम्मेदारी समिति की होगी.