आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बड़ा ऐलान सवर्ण आयोग बनाएंगे- सीएम शिवराज

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए  बड़ा ऐलान सवर्ण आयोग बनाएंगे- सीएम शिवराज

मध्य प्रदेश में मार्च-अप्रैल में संभावित नगरीय निकाय चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रहे हैं। अब उन्होंने सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने रीवा में 26 जनवरी कार्यक्रम में कहा कि सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक आयोग की तर्ज पर सवर्ण आयोग बनाएगी, जो सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए काम करेगा।
दरअसल, मप्र में जातीय समीकरण देखें तो 22% प्रतिशत सवर्ण जातियां हैं। वोट बैंक के नजरिए से देखें तो इनका झुकाव जिस राजनैतिक पार्टी की तरफ रहेगा, उसको चुनाव में फायदा होना स्वभाविक है। यही वजह है कि तीन साल पहले प्रमोशन में आरक्षण की मुख्यमंत्री द्वारा की गई पैरवी के कारण सपाक्स (सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था) अस्तित्व में आया था। जब एट्रोसिटी एक्ट को लेकर बवाल हुआ तो इस संगठन ने वर्ष 2018 में सभी 230 सीटों पर उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार दिए थे। लेकिन बीजेपी ने अब सबको साध
कर आगे बढ़ने का प्लान बनाया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में आर्थिक,सामाजिक विषमता दूर करने के लिए सवर्ण आयोग बनाया जाएगा। आखिर इस वर्ग को भी सबके समान अधिकार पाने का हक है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के तहत एरियर्स की एक-एक पाई भुगतान करने का आश्वासन भी दिया है।