कलेक्ट्रेट परिसर में वाहनों से वसूले जा रहे पार्किंग शुल्क पर लोगों का फूटा गुस्सा कहा- यह जिले भर का कार्यालय है

कलेक्ट्रेट परिसर में वाहनों से वसूले जा रहे पार्किंग शुल्क पर लोगों का फूटा गुस्सा कहा- यह जिले भर का कार्यालय है

रीवा में वाहन पार्किंग की समस्याओं का समाधान करने के बजाय कलेक्ट्रेट परिसर में आने वाले वाहनों से भी पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही वसूली शुरू कर दी गई है। जिसका विरोध भी लोगों ने प्रारंभ कर दिया है।

अधिकारियों से शिकायतें भी की हैं लेकिन अधिकारियों के ही कहने पर यह वसूली हो रही है, जिसकी वजह से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बताया गया है कि कलेक्ट्रेट आने वाले वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए कलेक्टर कार्यालय ने निविदा आमंत्रित की है। जिसका फार्म खरीदने की तिथि 17 फरवरी तक निर्धारित की गई है।

आगामी २२ फरवरी तक दोपहर के १२ बजे तक निविदा के फार्म जमा कराए जाएंगे और इसी दिन दोपहर के तीन बजे से निविदा खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। एक ओर जिला प्रशासन ने वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए ठेकेदार नियुक्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की है वहीं दूसरी ओर कलेक्ट्रेट आने वाले वाहनों से वसूली भी प्रारंभ हो गई है। वहीं दूसरी ओर कलेक्ट्रेट आने वाले लोगों ने मांग उठाई है कि यह जिले भर का कार्यालय है, जहां पर आम लोग भी आते हैं। लोगों को यहां पर सुविधाएं दी जानी चाहिए न की पार्किंग के नाम पर वसूली करना चाहिए.
कलेक्टे्रट परिसर में आने वाले वाहनों से वसूली करने के लिए तैनात लोगों के पास रसीदें तो होती हैं लेकिन इन रसीदों को वह काटते नहीं। दोपहिया वाहन चालकों से पांच रुपए और चार पहिया वाहन चालकों से २० रुपए पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। कुछ रसीदें जो पहले से काटी गई हैं, उन्हें ही आने वाले वाहनों को दिया जा रहा है और वाहन निकासी के समय रसीद जमा करा ली जाती है। बाद में वही रसीद दूसरे वाहनों में लगाई जाती है।