कलेक्टर कान्फ्रेंस में सीएम की टीकाकरण को लेकर दिखी नाराजगी |

कांफ्रेंस के बाद कलेक्टर हुए सख्त,सीएमएचओ की जमकर ली क्लास |

कलेक्टर कान्फ्रेंस में सीएम की टीकाकरण को लेकर दिखी नाराजगी |

सतना. बुधवार को हुई कलेक्टर कान्फ्रेंस में सीएमएचओ सतना सीएम शिवराज सिंह के निशाने पर आने के बाद बाल-बाल बचे। कलेक्टर ने कोविड टीकाकरण पर सीएमएचओ की कमजोरी को सुधारने के लिए खुद जिम्मा लेते हुए सीएमएचओ को बचा लिया। उधर एक अन्य मामले में गलत जानकारी देने पर डीएसओ केके सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये जाने पर कलेक्टर ने जमकर नाराजगी जताई। बुधवार को सीएम की कलेक्टर कमिश्रर कांफ्रेंस बुधवार को रात लगभग 8 बजे तक चली|

कलेक्टर के जवाब से सीएम संतुष्ट हुए और सीएमएचओ कार्रवाई से तो बच गए लेकिन कान्फ्रेंस के बाद कलेक्टर ने सीएमएचओ की जमकर क्लास ली। इसके साथ ही फूड विभाग की गलत जानकारी देने पर फूड ऑफिसर का भी कलेक्टर ने बल्व जलाया। माना जा रहा है कि कलेक्टर अब आगे आने वाले समय में इन दोनों विभागों को अपनी विशेष निगरानी में रखेंगे।बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्यूरोकेसी को स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभागीय अधिकारियों की मनमानी स्वीकार नहीं होगी। कहा, जिस तरीके से मैं कलेक्टरों की क्लास लेता हूं अब कलेक्टर मातहत अधिकारियों की उसी तरह से क्लास लें। जिला स्तर पर किसी भी विभागीय अधिकारी की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर इस दिशा में गंभीरता बरतें। समीक्षा के दौरान अनूपपुर की कोविड वैक्सीनेशन की कमजोर प्रगति पर सीएम ने जमकर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सतना की प्रगति बेहतर नहीं होने पर कलेक्टर से सीएमएचओ की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। जिसपर कलेक्टर ने वैक्शीनेशन में खुद ध्यान देकर प्रगति लाने की बात कहते हुए सीएमएचओ को सेफ साइड किया। इससे सीएमएचओ तो कार्रवाई से बच गए लेकिन अब सतना पर वैक्शीनेशन को लेकर निगारें गंभीर होने की बात सामने आ गई है। कलेक्टर ने खुद प्रोग्रेस लाने की बात कहते हुए सीएमएचओ डॉ एके अवधिया का बचाव कर लिया। हालांकि बैठक के बाद सीएमएचओ की जमकर क्लास ली।