हल्के लक्षण होने पर सीटी-स्कैन कराने का कोई लाभ नहीं- डॉ. रणदीप गुलेरिया

हल्के लक्षण होने पर सीटी-स्कैन कराने का कोई लाभ नहीं- डॉ. रणदीप गुलेरिया

कोविड महामारी पर स्वास्थ्य मंत्रालय की मीडिया ब्रीफ़िंग में मौजूद रहे एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि "सीटी-स्कैन और बायोमार्कर का दुरुपयोग किया जा रहा है. हल्के लक्षण होने पर सीटी-स्कैन कराने का कोई फ़ायदा नहीं है. एक सीटी स्कैन 300 बार छाती का एक्स-रे कराने के बराबर है. यह बहुत नुकसानदेह है."

एम्स के निदेशक डॉ. गुलेरिया ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोग अपने डॉक्टर से संपर्क करते रहें. सेचुरेशन 93 या उससे कम हो रहा हो, बेहोशी जैसे हालात हों, छाती में दर्द हो रहा है तो एकदम डॉक्टर से संपर्क करें.

ब्रीफ़िंग में मौजूद स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कोरोना महामारी को लेकर होने वाली ब्रीफ़िग में बताया कि देश में 12 ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना वायरस के एक्टिव केस एक लाख से भी ज़्यादा हैं. सात राज्यों में यह आंकड़ा पचास हज़ार से एक लाख के बीच है. इसके अलावा 17 राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मामले पचास हज़ार से कम हैं.

उन्होंने देश में कोरोना की स्थिति का ज़िक्र करते हुए बताया कि देश में अभी तक 81.77 फ़ीसद मामले ठीक हुए हैं. देश में क़रीब 34 लाख सक्रिय मामले हैं. देश में कोरोना संक्रमण से अभी तक दो लाख के क़रीब लोगों की मृत्यु हो चुकी है. बीते 24 घंटे में 3417 लोगों की मौत हुई है.

लव अग्रवाल ने बताया कि कुछ राज्यों में जैसे मध्य प्रदेश और दिल्ली में हर रोज़ आने वाले संक्रमण के मामलों में शुरुआती कमी देखने को मिल रही है. वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में कोविड19 क मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है. लव अग्रवाल ने कहा कि इन राज्यों को और अधिक सावधानी बरतनी चाहिए.

आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय को और अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए.