विधानसभा में नहीं पेश हुए विधेयक, श्रद्धांजलि देने पर छिड़ी बहस, 200 किसानों की मौत पर श्रद्धांजलि क्यों नहीं- कमलनाथ

विधानसभा में नहीं पेश हुए विधेयक, श्रद्धांजलि देने पर छिड़ी बहस,  200 किसानों की मौत पर श्रद्धांजलि क्यों नहीं- कमलनाथ

विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही बगैर किसी कारण के एक घंटे में ही स्थगित कर दी गई। इस दिन कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने थे लेकिन सत्र का दूसरा दिन स्थगित होने से यह कार्यवाही टल गई। दरअसल, दूसरे दिन की शुरुआत में सरकार ने उत्तराखंड के चमोली हादसे और सीधी बस हादसे के मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली सहित देश में किसान आंदोलन के दौरान करीब 200 किसानों की मौत हुई है, उन्हें श्रद्धांजलि क्यों नहीं दी जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा- यह समय श्रद्धांजलि देने का है न कि विवाद का। मैं इसकी इजाजत नहीं देता हूं कि श्रद्धांजलि के दौरान कोई व्यवधान उत्पन्न होl इसके बाद कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सबसे पहले, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े हुए। तभी पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ ने कह दिया जब उत्तराखंड में बाढ़ में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है तो दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान 200 किसानों की मौत हुई, उनको भी श्रद्धांजलि दी जानी चाहिए। लेकिन विधानसभा की कार्यसूची में इसका कोई उल्लेख नहीं है। पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं। यदि आंदोलन के दौरान किसान की मौत होती है और उसे श्रद्धांजलि नहीं दी जाती है तो यह अन्नदाता का अपमान है।

इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने दिल्ली आंदोलन में मृत किसानों के साथ-साथ मुरैना में जहरीली शराब से मरने वालों को भी श्रद्धांजलि दीl कमलनाथ ने कहा कि यह पक्ष और विपक्ष का सवाल नहीं हैl क्या यह उचित है कि मृत किसानों को श्रद्धांजलि सदन में ना दी जाए? सीधी बस हादसे में मृतकों के परिवार को सरकार रोजगार उपलब्ध कराए। बसों में गरीब लोग ही सफर करते हैं । मरने वालों के परिजनों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनकी मदद करनी चाहिए।

विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा, पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सारंग, विधानसभा के पूर्व सदस्य लोकेंद्र सिंह, गोवर्धन उपाध्याय, श्याम होलानी, बद्रीनारायण अग्रवाल, कैलाश नारायण शर्मा, विनोद कुमार डागा, कल्याण सिंह ठाकुर समेत 26 पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और विधानसभा के पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गईl