नंदीग्राम से हारकर भी सीएम बन सकती हैं ममता बनर्जी, इस नियम से संभालेंगी सीएम की कुर्सी!

नंदीग्राम से हारकर भी सीएम बन सकती हैं ममता बनर्जी, इस नियम से संभालेंगी सीएम की कुर्सी!

 पश्चिम बंगाल का चुनावी संग्राम लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय रहा है। रविवार देर शाम यहां चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया कि यहां तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनेगी। तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव हार गईं हैं। कभी ममता के ही खास रहे शुभेंदु अधिकारी ने ममता को 1957 वोटों से मात दी है। बंगाल चुनाव की सबसे हॉटसीट रही। अब इस हार के बाद भी सवाल यह है कि ममता फिर से सीएम कैसे बनेंगी। हालांकि कोई भी जनप्रतिनिधि हारकर भी सीएम बन सकता है। इसके लिए भी एक खास नियम है।

मुख्यमंत्री बनने के लिए जनप्रतिनिधि को विधानसभा या विधानपरिषद (जिस राज्य में दोनों सदन हों) का सदस्य होना जरूरी है। अगर कोई सीएम बनता है और दोनों सदनों का सदस्य नहीं है तो उसे सीएम की शपथ लेने के 6 महीने के अंदर किसी एक सदन का सदस्य बनना जरूरी है। नियमों के मुताबिक सीएम पद की शपथ बिना विधायक बने भी ली जा सकती है। इसके बाद राज्य का राज्यपाल उसे 6 महीने का समय देता है।

इस समय अंतराल में उसे विधानसभा या विधानपरिषद का सदस्य बनना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो उसे सीएम का पद छोड़ना होगा। इससे पहले भी ऐसे कई नेता रहे हैं जिन्होंने बिना चुनाव जीते सीएम पद की शपथ ली है। इन नेताओं में महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे, बिहार के लालू प्रसाद यादव, उप्र के योगी आदित्यनाथ, बिहार की राबड़ी देवी, मप्र के कमलनाथ और उत्तराखंड के तीरथ सिंह रावत भी बिना चुनाव जीते सीएम पद की शपथ ले चुके हैं।

बंगाल में बजा ममता का डंका…
बता दें कि रविवार यानी 2 मई को बंगाल चुनावों के परिणाम घोषित हो गए। यहां ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 210 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। वहीं अभी भी 3 तीन सीटों पर टीएमसी आगे चल रही है। वहीं भाजपा ने 76 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 1 सीट पर आगे चल रही है।