इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस बढ़ने की संभावना |

इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस बढ़ने की संभावना |

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) ने सरकारी व निजी इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की संख्या को घटाकर आधा करने का निर्देश दिया है। एआइसीटीई ने निर्देश दिया है कि इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों में 90 फीसद शिक्षक नियमित होना चाहिए। 

दरअसल, निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों को एक कक्षा के लिए 500 से 1000 स्र्पये तक दिए जाते हैं। वहीं नियमित प्रोफेसरों को 25 हजार से 60 हजार स्र्पये एक माह तक वेतन देना पड़ेगा। एटीपीआइ का कहना है कि पहले ही इंजीनियरिंग कॉलेजों की हालत ठीक नहीं है। बता दें, कि प्रदेश में 150 से अधिक सरकारी व निजी इंजीनियरिंग कॉलेज और 65 से अधिक पॉलिटेक्निक कॉलेज हैं। जिनमें अब शिक्षकों की कमी होने पर नियमित शिक्षक रखने होंगे।

अतिथि शिक्षक का अनुपात यथावत 20 फीसद ही रखा जाए, नहीं तो नियमित शिक्षक रखने होंगे। इस निर्णय से कॉलेजों पर भार पड़ेगा। इसका असर विद्यार्थियों पर पड़ेगा।