रीवा: विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम बोले, रीवा की जनता का पक्षपाती रहूंगा, न्याय आंख खोलकर करूगां |

रीवा: विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम बोले, रीवा की जनता का पक्षपाती रहूंगा, न्याय आंख खोलकर करूगां |

मध्य प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम चुने जाने के बाद पहली बार रीवा पहुंचे | मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जिस कुर्सी पर मैं बैैठा हूं जो फैसले करूंगा निष्पक्षता से निर्णय करूंगा। मुझे जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा ने न्याय का तराजू दिया है। तराजू की जो न्याय की देवी की आंख में भले ही पट्टी बंधी हैं, लेकिन मैं न्याय आंख खोलकर करूगां |

 मैं रीवा की जनता का पक्षपाती रहूंगा। आपके पक्ष में खड़ा रहूंगा। मुझे चाहे कोई पक्षपाती कहे। रीवा का पक्ष लेना मेरा धर्म है, मेरा कर्म है, मेरा दायित्व है। उस कुर्सी में बैठकर यदि लगता हो कि मैं रीवा के साथ पक्षपात करता हूं तो मैं इस आरोप को स्वीकार करता हूं।भाजपा ने मुझे अवसर दिया। संगठन के नेताओं को और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भूल नहीं सकता।

मेरे सामने कोई चुनौती नहीं, मेरे सामने स्वयं की चुनौती है। मेरे द्वारा स्थापित विचारों को पूरा करने की चुनौती है। ईश्वर मुझेे शक्ति दे कि रीवा की जनता के कल्याण का काम कर सकूं।

मेरे कंधे पर भार है, लेकिन मेरे पास आठ विधायक हैं, थोड़ा-थोड़ा बांटेगे तो भार कम हो जाएगा। मुझे ऐसी विचारधारा चाहिए, जिससे विंध्य का रीवा का विकास हो सके। हमें ऐसे मंथन की जरूरत है कि मंथन से जहर भी निकले तो ऐसा निकले जो सांप को मारने वाला हो|

आइए हम सब मिलकर हवन करें कि पूरे मप्र के अंदर रीवा, सीधी, सतना, सिंगरौली एवं विंध्य के लोगों के कल्याण के काम ज्यादा से ज्यादा हो सके। हम सब मिलकर प्रयास करेंगे कि रीवा के विकास की गति को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि रीवा के विकास को गति मिलेगी। मैं महावत की भूमिका में हूं। अब विधायकों को संबल मिलेगा।

संघर्ष की कहानी सुनाते हुए कहा कि तब जनार्दन मिश्रा और मैं जनता के संघषों को लेकर जेल जाने की होड़ करते थे मैं जनता के संघर्ष के दौरान राजनीति में 17 बौर जेल जा चुका हूं। मेरे राजनीतिक गुरू घनश्याम सिंह रहे हैं।