हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन, आठ राज्यों के बुनकर शामिल, कश्मीरी सॉल समेत सलवार सूट आकर्षण का केंद्र

हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन, आठ राज्यों के बुनकर शामिल, कश्मीरी सॉल समेत सलवार सूट आकर्षण का केंद्र

रीवा के शासकीय मार्तण्ड स्कूल क्रामंक 3 रीवा में हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजित की गई है। मेले में आठ राज्यों के बुनकर विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। मेले में बंगाल की तात की साडिय़ां व कश्मीरी सॉल समेत सलवार सूट, चादरें, कुर्तियां तथा अन्य कपड़े आकर्षण का केन्द्र बने हैं।
हस्तशिल्प प्रदर्शनी के प्रभारी अधिकारी एसके लिमजे ने बताया कि प्रदर्शनी का शुभारंभ 20 फरवरी को किया गया। प्रदर्शनी प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी चार मार्च तक जारी रहेगी। बताया कि हस्तशिल्प प्रदर्शनी में आठ राज्यों के हस्तशिल्पियों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इसमें आकर्षक साडिय़ां, सलवार सूट, चादरें, साल, कुर्तियां तथा अन्य कपड़े उपलब्ध हैं। इनकी बिक्री छूट के साथ की जा रही है। प्रदर्शनी में बंगाल की तांत साडिय़ां, मध्यप्रदेश की चंदेरी तथा माहेश्वर साडिय़ां आकर्षण का केन्द्र हैं। प्रदर्शनी में कश्मीर राज्य की पशमीना साल तथा उत्तरप्रदेश के कुशल बुनकरों द्वारा तैयार चादरें उपलब्ध हैं। प्रदर्शनी का आयोजन मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम तथा केन्द्र सरकार के कपड़ा मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हथकरघा प्रदर्शनी में आमजन देश के हस्तशिल्पियों से सीधे संवाद कर सकते हैं। उनकी हस्तकला तथा विभिन्न उत्पादों के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। प्रदर्शनी में शुभारंभ के दो दिवसों में ही लगभग दो लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हुई है आपको बता दें आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत मध्यप्रदेश में हस्तशिल्प और हाथकरघा के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मेले का आयोजन किया गया है