कर्ज के जाल में फंसा पाक, IMF (इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड ) ने इमरान खान  से कहा- संकट से बाहर निकलना है तो मानें ये बातें

कर्ज के जाल में फंसा पाक, IMF (इंटरनेशनल मोनेटरी फण्ड ) ने इमरान खान  से कहा- संकट से बाहर निकलना है तो मानें ये बातें

 

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने पाकिस्तान को सार्वजनिक कर्ज के बढ़ते बोझ के कारण सरकारी कर्मचारियों का वेतन स्थिर रखने और नये बजट में प्राथमिक घाटा कम रखते हुए राजकोषीय स्थिति (Fiscal deficit) बेहतर बनाने के लिये कहा है. स्थानीय मीडिया की खबरों में इसकी जानकारी मिली और  स्थानीय अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की शुक्रवार की एक खबर के अनुसार, पाकिस्तान के लिये IMF की इन दो मांगों को मान पाना मुश्किल हो रहा है, लेकिन IMF जोर दे रहा है कि सार्वजनिक कर्ज के अधिक बोझ के चलते देश को राजकोषीय स्थिति मजबूत करने के रास्ते पर चलना चाहिये.

 

पाकिस्तान का सार्वजनिक कर्ज पहले ही उसकी अर्थव्यवस्था (Pakistan Economy) के आकार के 90 फीसदी पर पहुंच चुका है. अखबार ने वित्त मंत्रालय (Finance Ministry, Pakistan) के सूत्रों के हवाले से कहा कि सार्वजनिक ऋण में वृद्धि और जी-20 देशों से कर्ज से राहत मांगने के पाकिस्तान के फैसले के कारण, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान को सरकारी कर्मचारियों के वेतन को रोकने के लिये 

IMF की प्रमुख मांग है कि सरकार को प्राथमिक बजट घाटे के लक्ष्य की घोषणा करनी चाहिये और सिर्फ 184 अरब रुपये यानी पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद (Pak GDP) का महज 0.4 फीसदी होना चाहिये. IMF की मांगों का विरोध करने के लिये पाकिस्तान के अपने कारण हैं, क्योंकि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के कारण उसे अगले वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह में कोई खास तेजी आती नहीं दिख रही है.