मध्य प्रदेश की पहचान माफिया से थी। इसी पहचान को बदलने की मैंने हर कोशिश की थी: कमलनाथ

मध्य प्रदेश की पहचान माफिया से थी। इसी पहचान को बदलने की मैंने हर कोशिश की थी:  कमलनाथ

रीवा: मध्य प्रदेश की पहचान माफिया से थी। इसी पहचान को बदलने की मैंने हर कोशिश की थी। 15 महीने की सरकार में मैंने यह प्रयास किया था। मैं चाहता था कि मध्य प्रदेश की पहचान त्रिपुरा या मणिपुर जैसी ना हो मैंने यह प्रयास किया था कि मध्यप्रदेश की गिनती कर्नाटक और महाराष्ट्र के तर्ज पर होनी चाहिए उक्त बातें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने संभागीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपने 15 महीने के कार्यकाल में मध्य प्रदेश की स्थिति सुधारने के लिए काम किया न केवल 27 लाख किसानो का कर्ज माफ किया बल्कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत राशि बढ़ाकर 51 हजार रुपये कर दी। 

विंध्य के लोगो की नही मशीन की रही गड़बड़ीः सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने कहां कि विंध्य के कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं ने कोई कमी नही की वे कर्मठ कार्यकर्त्ता है। विंध्य के लोगों ने कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन मशीनों की गड़बड़ी की वजह से मत परिणाम सही नही आया। बैलेट पेपर से मतदान करवाया जाये तो दूध-का-दूध और पानी-का-पानी हो जाएगा। उन्होने कहां कि आज महंगाई चरम पर है। कमर तोड़ महंगाई से हर कोई परेशान है।

दो मिनट का रखा मौन

कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रख कर सीधी जिले में बस हादसे से हुई 54 यात्रियों मौत पर शोक व्यक्त किया गया और मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।