MP:कृषि मंत्री कमल पटेल ने स्वीकार किया,प्रदेश में हुई कर्जमाफी

MP:कृषि मंत्री कमल पटेल ने स्वीकार किया,प्रदेश में हुई कर्जमाफी

 उपचुनावों की सरगर्मी तेज हो गई हैं. 27 की 27 सीटें जीतने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी होने लगी है. रविवार को कृषि मंत्री कमल पटेल ने माना कि कमलनाथ सरकार में कुछ किसानों की कर्जमाफी हुई थी. इसे पूरी तरह से कर्जमाफी से जोड़ नहीं देखा जा सकता है. कृषि मंत्री के इस बयान के सहारे कांग्रेस ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. कृषि मंत्री के इस कबूलनामे पर कांग्रेस नेता सचिन यादव ने उन्हें धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि कर्जमाफी चरणबद्ध तरीके से चल रही थी, लेकिन सरकार गिरा दी है. दरअसल, कृषि मंत्री कमल पटेल ने कल मीडिया से चर्चा में कर्जमाफी को कबूल कर लिया था. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के दुख पर कमल नाथ जी घड़ियाली आंसू बहाते हैं. उन्होंने किसानों की कर्ज माफी के नाम पर फर्जी प्रमाण पत्र दिए हैं. अब भी अन्नदाता कर्ज माफी की आस में घूमते हैं. प्रीमियम कम देना पड़े इसलिए पूर्व की कमलनाथ सरकार ने फसल बीमा 75 फीसदी कर दिया था. कमलनाथ जी सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री थे, लेकिन शिवराज जी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं.

गद्दारों की वजह से नहीं मिला किसानों को लाभ-कांग्रेस
कृषि मंत्री कमल पटेल के इस बयान पर पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कमल पटेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में किसान कर्जमाफी योजना चरणबद्ध तरीके से चल रही थी. अगर कांग्रेस के गद्दारों ने बीजेपी का साथ न दिया होता तो पूरे प्रदेश के किसानों का कर्ज़ माफ हो चुका होता. लेकिन कृषि मंत्री ने कर्जमाफी को कबूल कर लिया. जिसके लिए वो धन्यवाद के पात्र हैं.