कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी, खून से लिखा ज्ञापन सौंपेंगे किसान संगठन के नेता

कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी, खून से लिखा ज्ञापन सौंपेंगे किसान संगठन के नेता

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ मध्य प्रदेश में भी बड़े आंदोलन की तैयारी हो रही है.  जबलपुर में इसके लिए संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा का गठन कर लिया गया है. इस नए मोर्चे में विभिन्न किसान संगठनों के करीब दो दर्जन से ज्यादा पदाधिकारी शामिल हैं. ये मोर्चा केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेगा.

संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा का दावा है कि उनका यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा. इस दौरान वे कृषि कानूनों के खिलाफ खामियों को एक-एक व्यक्ति को बताएंगे. नवगठित मोर्चे का दावा है कि केंद्र सरकार ने देश के किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने का षड्यंत्र रचा है. ये तीनों काले कानून हैं. संयुक्त किसान मोर्चा 30 जनवरी को ट्रैक्टर रैली भी निकालने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इस ट्रैक्टर रैली के माध्यम से किसान संगठन के नेता अपने खून से लिखे ज्ञापन को राष्ट्रपति के नाम सौंपेंगे. गौरतलब है कि दिल्ली में लगातार जारी किसान आंदोलन की आग प्रदेश में भी पहुंच चुकी है. बीते दिनों कई छोटे-बड़े आंदोलन मध्यप्रदेश में देखे जा चुके हैं, लेकिन अब विभिन्न किसान संगठन संयुक्त मोर्चे का गठन कर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं.