परिस्थितिया हमे वो सिखा देतीं हैं जो हमे कोई विश्वविद्यालय नही सिखा सकती |

जीवन में उतार चढ़ाव और सुख दुःख का आना जरूरी |

परिस्थितिया हमे वो सिखा देतीं हैं जो हमे कोई विश्वविद्यालय नही सिखा सकती |

लगभग संसार के हर मनुष्य को सुख के साथ दुःख तथा  परिस्थितियों के विपरीत का अनुभव होता है ,जिससे कभी कभी उसे लगता है वो इस दुनिया का सबसे दुखी व अकेला मनुष्य है किंतु अगर देखा जाय तो वही परिस्थितिया उसको बदलने का एक मौका देती है सोचने और समझने की क्षमता में इजाफा करती है और वह उस विपरीत समय से  बाहर निकल कर सुख का अनुभव करता है |

हर मनुष्य की सोचने और समझने की क्षमता अलग अलग होती है लेकिन अगर उस क्षमता में परिवर्तन की बात करे तो वो उस मनुष्य की परिस्थियों पर निर्भर करता है की वह अपने जीवन में आने वाले उतार चढाव को किस तरह से ग्रहण करता है और किस तरह से उसका सामना करता है , अगर किसी महान व्यक्तित्व का उदाहरण लिया जाए तो हम अक्सर देखेंगे की उसका सम्पूर्ण जीवन दुखो ,कष्टों व् संघर्षो से भरा होता है और वह महान व्यक्ति आज इस कारण से जाना व पहचाना जाता है की उसने विपरीत परिस्थियों का किस तरह से सामना किया और सामान्य लोगो की अपेक्षा उसने किस तरह से अपने दुखो ,कष्टों को सहते हुए आगे बढ़ता चला गया ,अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की और इसके साथ ही साथ अपने देश के लिए अपने समाज के लिए प्रेरणा का श्रोत बन जाता है | 

हम कह सकते है की जीवन एक अनुभव है और इसको जितना अधिक प्रयोग करेंगे उतने ही बेहतर होंगे |