दर दर भटक रहे मजदुर, ठेकेदार ने छोड़ा, एसपी ने ट्रेन से मजदूरों को भिजवाया सतना

दर दर भटक रहे मजदुर, ठेकेदार ने छोड़ा, एसपी ने ट्रेन से मजदूरों को भिजवाया सतना

सीधी जिले के करमाई गांव के 14 पुरुष, 11 महिलाएं 17 बच्चों सहित करीब चार माह पहले मजदूरी के लिए महाराष्ट्र के ठेकेदार के साथ गए थे। मजदूर एक महीने महाराष्ट्र, फिर कर्नाटक और फिर हैदराबाद के वानापर्थी जिला ले जाए गए। वहां ठेकेदार ने पूरी मजदूरी नहीं दी और इन्हें छोड़कर भाग गया। ऐसे में खाने-पीने का संकट झेलते हुए मजदूरों ने तंबू गाड़े और ठंड में वहीं पर कई दिन गुजारे।

मजदूरों की किसी तरह वहां के सरपंच से पहचान हो गई तो उसने खेत में सभी को काम दे दिया। मजदूर मोती लाल ने करीब दस दिन पहले सीधी जिले के मझौली थाना टीआइ सतीश मिश्रा से संपर्क कर आपबीती बताई। टीआइ ने एसपी पंकज कुमावत को जानकारी दी तो एसपी ने टीम बनाकर हैदराबाद भेजी। टीम ने वानापर्थी जिले के एसपी से सहायता मांगी, तब वानापर्थी एसपी ने ट्रेन से सभी मजदूरों को हैदराबाद से सतना भिजवाया।

मजदूरों की किसी तरह वहां के सरपंच से पहचान हो गई तो उसने खेत में सभी को काम दे दिया। मजदूर मोती लाल ने करीब दस दिन पहले सीधी जिले के मझौली थाना टीआइ सतीश मिश्रा से संपर्क कर आपबीती बताई। टीआइ ने एसपी पंकज कुमावत को जानकारी दी तो एसपी ने टीम बनाकर हैदराबाद भेजी। टीम ने वानापर्थी जिले के एसपी से सहायता मांगी, तब वानापर्थी एसपी ने ट्रेन से सभी मजदूरों को हैदराबाद से सतना भिजवाया।