सिंधिया के सांवेर के कार्यकर्ताओं को फोन लगाए जाने पर गरमाई सियासत कांग्रेस ने सिंधिया को लिया आड़े हाथ

सिंधिया के सांवेर के कार्यकर्ताओं को फोन लगाए जाने पर गरमाई सियासत कांग्रेस ने सिंधिया को लिया आड़े हाथ

इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते और कमलनाथ सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने तुलसी सिलावट की कमलनाथ सरकार को गिराने में अहम भूमिका रही है. उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के कहने पर ही विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए. बीजेपी सरकार में मंत्री बनने के बाद अब उनको अगले 6 महीने के अंदर विधानसभा का चुनाव जीतना होगा. इसलिए अभी से चुनावी तैयारियां शुरू हो गई हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उपचुनावों की बागडोर संभाल ली है. वो खुद नेताओं और कार्यकर्तोओं को फोन लगा रहे हैं. उन्होंने सांवेर के कार्यकर्ता सुधीर से कुछ इस अंदाज में बात की हेलो मैं सिंधिया बोल रहा हूं. अच्छे तरीके से उपचुनाव की तैयारी कर लेना, घर पर सभी को कहना मैंने फोन किया था. अपना ख्याल रखना. विधानसभा उपचुनाव में मंत्री तुलसी सिलावट की मदद करने की वे अपील कर रहे है

ज्योतिरादित्य सिंधिया के सांवेर के कार्यकर्ताओं को फोन लगाने के मामले ने एमपी की सियासत को गर्मा दिया है. कांग्रेस ने सिंधिया को आडे़ हाथ ले लिया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि कोरोना की इस भीषण महामारी में ज्योतिरदित्य सिंधिया के सांवेर में कार्यकर्ताओं को फ़ोन पहुंचा है कि उपचुनाव जिताना है. अभी समय कोरोना से पीड़ित लोगों के दुख, दर्द जानने का है. इस महामारी से निपटने का है. इस संकट के समय में भी राजनीति करना उचित नहीं है. सिंधिया की ये कैसी जनसेवा है और ये कैसे जनसेवक हैं. इससे समझ में आ रहा है.
कोरोना के संकट काल में नेता लोगों तक मदद के बहाने अपने हित साधने में जुट गए हैं. कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वाले तुलसी सिलावट के सामने सांवेर में अपनी साख बचाने की चुनौती है. इसलिए वे कोरोना के संक्रमण में गरीबों तक राशन पहुंचाकर उनकी मदद करने में लग गए हैं. इसके लिए उन्होंने अपनी टीम को मैदान में उतार दीया है. ये लोग सांवेर के गांवों और इसके साथ ही नगर निगम सीमा में आने वाले वार्डो में भी  जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाने  का काम कर रहे हैं.