15 महीने बाद सीएम शिवराज ने सौपी मंत्रियों को जिले की कमान

वरिष्ठ PWD मंत्री गोपाल भार्गव जबलपुर और निवाड़ी और सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट को ग्वालियर और हरदा की जिम्मेदारी

15 महीने बाद सीएम शिवराज ने सौपी मंत्रियों को जिले की कमान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंप दिए हैं। ग्वालियर- चंबल के लगभग सभी जिलों का प्रभार राज्य सभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्रियों को दिए गए हैं, जबकि प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर को छोड़ कर तीनों में बीजेपी के अनुभवी मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है|

 गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इंदौर का प्रभार दिया गया है, जबकि सबसे वरिष्ठ PWD मंत्री गोपाल भार्गव जबलपुर और निवाड़ी और सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट को ग्वालियर और हरदा जिले की जिम्मेदारी मिली है। इसी तरह मुख्यमंत्री के करीबी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह को भोपाल की कमान दी गई है| 1 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में ट्रांसफर से बैन हटाया गया है। सरकार ने तीन दिन पहले ही ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर दी है। इसके मुताबिक जिलों में ट्रांसफर प्रभारी मंत्री की अनुशंसा से किए जाएंगे। यही वजह है कि बुधवार देर शाम मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंप दिए गए हैं।

वर्तमान में कैबिनेट व राज्य मंत्रियों की संख्या 30 है, जबकि जिले 52 हैं। इस हिसाब से मंत्रियों को दो-दो जिलों का प्रभार दिए गए हैं, लेकिन मंत्री नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह समेत 8 मंत्रियों को एक-एक जिले का प्रभार दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जिलों का प्रभार मंत्रियों को देने में 15 महीने लग गए। इसकी वजह यह है, मंत्रिमंडल का गठन के बाद विस्तार, मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे में मुख्यमंत्री को कई तरह की अड़चनों से गुजरना पड़ा था। यही वजह है, अब तक मंत्रियों को जिलों का प्रभार नहीं दिया जा सका। पिछले साल मार्च में सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रियों को जिलों का बंटवारा नहीं कर पाए थे। इसके बाद से यह लगातार टलता गया| 15 महीने बाद सीएम शिवराज ने मंत्रियों को जिले के प्रभार सौप दिए है.