सितंबर में खुल जाएंगे सभी स्कूल, निजी स्कूलों की मांग पर सरकार राजी

प्राइवेट स्कूलों की मांग परस्कूल शिक्षा मंत्री ने दी रजामंदी

सितंबर में खुल जाएंगे सभी स्कूल, निजी स्कूलों की मांग पर सरकार राजी

प्रदेश सरकार सितंबर से पहली से आठवीं तक की कक्षाएं खोलने की तैयारी कर रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बुधवार को निजी स्कूल संचालकों को इसकी रजामंदी दे दी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम रहने की स्थिति में ये कक्षाएं लगेंगी। यह निजी और सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
इधर, स्कूल शिक्षा विभाग सितम्बर से इसका शेड्यूल बनाने में जुट गया है। हालांकि इन कक्षाओं को खोलने से पहले अब तक पूर्व की कक्षाओं का कोई फीडबैक नहीं लिया गया है। बता दें कि लंबे समय से निजी स्कूल संचालक पूरी तरह स्कूल खोलने का दबाव बना रहे हैं।

दो मांगें रखी गई थीं

  • निजी स्कूल संचालक स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने दो मांगे रखीं। इनमें एक पहले से आठवीं तक की कक्षाएं शुरू करने की थी।
  • दूसरी मांग थी, 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं हर दिन लगाने की मांग थी। मंत्री ने पहली से आठवीं तक की कक्षाएं 1 या 15 सितंबर से शुरू करने की बात कही है।

50 फीसदी क्षमता का फार्मूला

यदि पहली से आठवीं तक की कक्षाएं होती हैं तो वह भी शुरुआत में 50 फीसदी क्षमता से लगेंगी। यानी हफ्ते में एक या दो दिन प्रति कक्षा को लगाया जाएगा। वहीं स्कूल प्रबंधन अभिभावकों के जोखिम पर ही बच्चों को बुलाएंगे। हालांकि क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी के निर्णय के तहत ही स्कूल खोले जा सकेंगे।

अभी सप्ताह में दो दिन लग रहीं क्लास

अभी 9वीं व 10वीं कक्षाएं सप्ताह में एक-एक दिन और 11वीं व 12वीं की कक्षाएं सप्ताह में दो-दो दिन लग रही हैं, लेकिन स्कूलों ने अभिभावकों के जोखिम पर ही बच्चों को स्कूल भेजने की लिखित घोषणा पत्र लाना अनिवार्य किया ह। इस कारण अधिकतर अभिभावक बच्चों को नहीं भेज रहे हैं।

अभी तक बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं

फिलहाल देश में बच्चों के लिए कोई कोरोना वैक्सीन नहीं है। उस पर अक्टूबर में प्रदेश में तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्कूल संचालकों का तर्क है कि अभी कोरोना केस बिल्कुल कम हैं। कहीं भी ज्यादा केस नहीं मिल रहे हैं। इस कारण स्कूल पूरी तरह खोले जाना चाहिए।