मध्यप्रदेश में नहीं होगा अब ऑरेंज जोन, अब सिर्फ रेड और ग्रीन जोन:शिवराज सिंह

मध्यप्रदेश में नहीं होगा अब ऑरेंज जोन, अब सिर्फ रेड और ग्रीन जोन:शिवराज सिंह

मध्य प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉक डाउन 4 के लिए  नए नियमों का ऐलान कर दिया | लॉकडाउन फेज-4 में मध्य प्रदेश में सिर्फ रेड और ग्रीन जोन होंगे। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, बुराहानपुर, खंडवा और देवास रेड जोन में बाकी सभी जिले ग्रीन जोन में होंगे। रेड जोन के कंटेनमेंट एरिया में किसी तरह की गतिवधियां शुरू नहीं होंगी। ग्रीन जोन में सभी तरह की गतिविधियां सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शुरू हो सकेंगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी है। उन्होंने बताया कि शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक कहीं भी आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा।

कंटेमनमेंट क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध जारी रहेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा- "लॉकडाउन-4 के दौरान सभी कन्टेनमेंट क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध जारी रहेंगे तथा केवल अत्यावश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। इस जोन के भीतर और बाहर लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा, केवल मेडिकल इमरजेंसी और आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति की जा सकेगी। कंटेनमेंट एरिया में उद्योग संचालित नहीं होंगे परंतु इनके बाहर सभी स्थानों पर उद्योग संचालित किये जा सकेंगे।

सभी जोन में प्रतिबंधित गतिविधियां

सभी जोन में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, प्रशिक्षण संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट, होस्पिटेलिटी सेवाएं, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर्स, बार, ऑडिटोरियम प्रतिबंधित रहेंगे। इन जोन्‍स में सामुदायिक कार्यक्रम, सभी प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन नहीं हो सकेंगे। सभी धार्मिक स्थल, पूजा स्थल तथा धार्मिक सभाएं प्रतिबंधित रहेंगी। शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक लोगों का आवागमन केवल अत्यावश्यक गतिविधियों को छोड़कर प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक परिवहन की बसें अभी एक सप्ताह तक प्रतिबंधित रहेंगी तथा इसके बाद समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा।

रेड जोन में ये गतिविधियां

रेड जोन के अंतर्गत मोहल्ले की दुकानें, रहवासी परिसर की दुकानें तथा बाजारों में स्थित आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। ऑनलाइन शिक्षा चालू रहेगी। मेडिकल, पुलिस आवास, क्वारैंटाइन सेंटर, फंसे हुए लोगों के भोजन के लिए उपयोग किए जाने वाले होटल, बस डिपो, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट में संचालित कैंटीन, होम डिलेवरी करने वाले रेस्टोरेंट के किचन, स्पोर्ट्स काॅम्पलेक्स, स्टेडियम (बिना दर्शकों के), सभी प्रकार का माल परिवहन, कार्गो मूवमेंट तथा उनके खाली वाहनों का मूवमेंट जारी रहेंगे। साथ ही सभी स्वास्थ्यकर्मियों एवं सफाईकमियों का आवागमन, उद्योगों के लिए श्रमिकों को लाने ले जाने की बसें तथा शासकीय एवं निजी कार्यालय 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चालू रहेंगे।

ग्रीन जोन में गतिविधियां

ग्रीन जोन सभी क्षेत्रों के लिए प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर शेष सभी प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। इन क्षेत्रों में अन्य कोई पाबंदी नहीं रहेगी, सभी दुकानें एवं बाजार खुले रहेंगे, सब्जी मंडियां खुलेंगी, निजी व शासकीय कार्यालय पूरी क्षमता से चलेंगे तथा निजी वाहनों से आवागमन किया जा सकेगा। यदि किसी ग्रीन जोन जिले में पॉजिटिव प्रकरण बढ़ते है तो वह रेड जोन में परिवर्तित किया जा सकेगा।

सभी जोनों के लिए अनिवार्य सावधानियां

मुख्यमंत्री ने बताया- प्रत्येक जोन मे कोरोना संक्रमण से बचने के लिए 65 साल से अधिक उम्र के लोग, मल्टीपल डिसआर्डर वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं तथा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर ही रहना होगा। सभी लोगों को सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थल पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा, इन स्थानों पर थूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, विवाह में अधिकतम 50 लोग शामिल हो सकेंगे, अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग जा सकेंगे, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना, पान, तम्बाकू, गुटखा खाना प्रतिबंधित होगा।

दुकानों पर ग्राहकों के बीच दो गज की दूरी रखना अनिवार्य होगी तथा एक समय में दुकान पर 5 से अधिक लोग नहीं रह सकेंगे। सभी कार्य स्थलों के प्रवेश द्वारा एवं प्रस्थान द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग, हैण्डवाश और सैनेटाईजर की व्यवस्था, पूरे कार्य स्थल पर नियमित सैनेटाईजेशन तथा लंच ब्रेक आदि में फिजिकल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगी।

प्रवासी मजदूरों का पूरा ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रवासी मजदूर भाई-बहन बिल्कुल भी चिंता न करें। सभी को बसों एवं ट्रेनों के माध्यम से उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए 91 से अधिक ट्रेन तथा हजारों बस अभी तक लगाई गई हैं। साथ ही प्रदेश के एक जिले से दूसरे जिले तक भी मजदूरों को पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा सरकार उनके भोजन, राशन तथा उन्हें कार्य दिलवाने की भी व्यवस्था कर रही है। जिन मजदूर भाइयों का राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी नि:शुल्क राशन दिया जा रहा है, जो कार्य करना चाहते हैं तथा जिनका जॉब कार्ड नहीं है, पंचायतों के माध्यम से उनका जॉब कार्ड बनवाकर उन्हें काम दिया जा रहा है। शासन ने निर्णय लिया है कि इन्हें संबल योजना की भी पात्रता होगी। संबल योजना गरीब का सुरक्षा कवच है जो उनकी हर आवश्यकता की पूर्ति करता है।

दूसरे प्रदेशों के मजदूरों का भी पूरा ध्यान

चौहान ने कहा कि हम दूसरे प्रदेशों के मध्यप्रदेश में फंसे मजदूरों का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं। हम प्रदेश में इन्हें पैदल नहीं चलने देंगे तथा भूखा नहीं सोने देंगे। हर मजदूर को वाहनों के माध्यम से राज्य की सीमा तक पहुंचाया जा रहा है। इस कार्य में लगभग 01 हजार बसें रोज लगी है। उन्हें भोजन, चाय, नाश्ता आदि सारी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। शासन-प्रशासन के साथ ही हमारी जनता भी इनसे अतिथि जैसा व्यवहार कर रही है। समाजसेवी संस्थाएं उन्हें जूते-चप्पल पहना रहे है।

मजदूरों को दुर्घटना पर सहायता
चौहान ने बताया कि मजदूरों के आने-जाने की प्रक्रिया में कुछ दुर्घटनाएं भी हुई है। औरंगाबाद में हुई दुर्घटना में प्रत्येक दिवंगत मजदूर के परिवार को 05-05 लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई है। बड़वानी दुर्घटना में मृतक मजदूर के परिवार को 14 लाख रुपए की सहायता दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश के बाहर के मजदूर जो मध्यप्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त होते हैं, उनके लिए प्रति मजदूर मृत्यु पर एक-एक लाख रुपए तथा घायल होने पर 25-25 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के अंतर्गत अभी तक 90 लाख मीट्रिक टन से अधिक समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है तथा किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसान भाई बिल्कुल चिंता न करें हम उनका एक-एक दाना खरीदेंगे। किसान भाई एसएमएस मिलने पर ही अपनी उपज बेचने उपार्जन केन्द्र पर आएं तथा एक-दूसरे से दो गज की दूरी रखें एवं सभी सुरक्षा उपाय अपनाएं। चना, मसूर एवं सरसों के समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य भी जारी है। सरकार ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण दिलवाने की व्यवस्था पुन: लागू की है। गत दिनों प्रदेश के 15 लाख किसानों को फसल बीमा की लगभग 2290 करोड़ रूपए की राशि उनके खातों में अंतरित हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा‍ कि सरकार विद्यार्थियों का भी पूरा-पूरा ध्यान रख रही है। उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। कोरोना संकट को देखते हुए 10वीं के विद्यार्थियों के बचे हुए पेपर नहीं होंगे, 12वीं के पेपर 08 से 16 जून के बीच होंगे। चूंकि इस समय विद्यालय बंद है अत: निजी स्कूल विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस के अलावा और कोई शुल्क नहीं ले सकेंगे।