संतों पर अत्याचार के विरुद्ध बाबा ने रमाई धुनी

संतों पर अत्याचार के विरुद्ध बाबा ने रमाई धुनी

कंप्यूटर बाबा फिर एक्शन में हैं. इस बार उन्होंने कोरोना महामारी और संतों के ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ गोमट गिरी पर्वत पर धूनी रमा दी है. तपते कंडों के बीच जब पारा चढ़ा तो आस-पास के पशु-पक्षी भी परेशान हो गए. हालांकि बाबा का ये अनशन और धूनी सिर्फ सात घंटे की थी.
इंदौर के नजदीक गोमटगिरी पर्वत पर महामंडलेश्वर पूर्व राज्यमंत्री कंप्यूटर बाबा ने अपने आश्रम पर शिष्य राघव दास के साथ धूनी रमा दी. तपती धूप में धधकते कंडों के बीच जब वो तप पर बैठे तो तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया. धूम की वजह से पशु-पक्षी तक परेशान हो उठे. बाबा का तप सात घंटे का था. सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक तेज धूप में वो कंडे जलाकर बैठे.
कंप्यूटर बाबा ने न केवल अपने चारों ओर घेरा बनाकर कंडों की आग जलाई बल्कि सिर पर आग से भरी हुई मटकी भी रखी. यानि चारों तरफ से भीषण गर्मी के बीच वो बैठे. कंप्यूटर बाबा इसे एक सच्चे संत की तपस्या बता रहे हैं. वो कहते हैं कि कोरोना से जंग जीतने के लिए इसी तरह के तप की आवश्यकता है.
बाबा अपने साथ तिरंगा झंडा भी लेकर बैठे. उन्होंने संतों की हत्या का विरोध किया. तपस्थल पर चारों ओर इसके विरोध में नारे लिखीं तख्तियां लगायी गयीं. इन तख्तियों के बहाने उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा. तख्तियों पर लिखा- यूपी के बुलंदशहर और महाराष्ट्र के पालधर की घटना को लेकर सात घंटे का अनशन. भगवा के राज्य में संतों की हत्या. योगी जी आपका राम राज्य है या रावण राज्य.
कंप्यूटर बाबा ने संतों पर अत्याचार और उनकी समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध किया है कि गंगा किनारे और नर्मदा किनारे हजारों संत कुटिया बनाकर रह रहे हैं. वो लॉकडाउन की वजह से भूखे हैं. मंदिरों के पुजारियों के पास भी राशन की व्यवस्था नहीं है. उनका राशन खत्म हो गया है. वो मंदिरों में दीये भी नहीं जला पा रहे हैं. ऐसे में वो प्रदेशों के सभी मुख्यमंत्रियों को निर्देश करें कि संतों के भोजन और राशन की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए.