विवादित ट्वीट कर घिरे जीतू पटवारी,महिला राष्ट्रीय महिला आयोग जारी किया नोटिस

विवादित ट्वीट कर घिरे जीतू पटवारी,महिला राष्ट्रीय महिला आयोग जारी किया नोटिस

मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी के केंद्र सरकार को घेरने वाले एक विवादास्पद ट्वीट पर देश और प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। ट्वीट को महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध बताते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में शिकायत की गई है। इस पर आयोग ने पटवारी से 3 दिन में जवाब मांगा है। वहीं चारों तरफ हो रहे विरोध के बाद बुधवार देर रात पटवारी ने अपने ट्वीटर अकाउंट से पोस्ट को हटाते हुए खेद व्यक्त किया है।

पटवारी ने किया था ट्वीट

पटवारी ने एक दिन पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था कि पुत्र के चक्कर में 5 पुत्री पैदा हो गईं, नोटबंदी, जीएसटी, महंगाई, बेरोजगारी और मंदी, लेकिन अभी तक विकास पैदा नहीं हुआ। इसे आयोग ने महिला व लिंग विरोधी बताया है। बाल संरक्षण आयोग ने पटवारी को नोटिस देकर 3 दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने कहा है कि उन्होंने ट्वीट में बेटी के बजाए बेटे को प्राथमिकता देने की गलत सोच का न केवल समर्थन किया, बल्कि इससे उनकी बालिकाओं के प्रति मानसिकता और रवैये को भी दर्शाया। इसी सोच से देश में कन्या भ्रूण हत्या की दर बढ़ गई है। यह लैंगिक समानता एवं बच्चियों के अधिकारों के प्रति कुठाराघात है। इधर, प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पटवारी का विवादित ट्वीट नारी जाति का अपमान है। उनके इस व्यवहार से वे आहत हैं। हमारे देश में नारी सम्मान की बात की जाती है।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर अपमानजनक टिप्पणी की है। इसकी शिकायत मिलने के बाद राज्य महिला आयोग  ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग सदस्य संगीता शर्मा ने बताया कि इस संबंध में उन्हें ई-मेल के माध्यम से इंदौर के विवेक खंडेलवाल से एक शिकायत मिली है। इंदौर पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को समुचित कार्रवाई करने और पालन प्रतिवेदन एक सप्ताह में आयोग कार्यालय में देने कहा है।

जीतू पटवारी ने जताया खेद

वही विवाद बढता देख जीतू पटवारी ने ट्वीट का विरोध होने पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा मेरे इस ट्वीट से यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं खेद व्यक्त करता हूं। जहां तक बात बेटियों की है तो वे देवीतुल्य हैं। विकास की अपेक्षाओं के साथ मैंने अपनी बात कही थी, जिसे भाजपा अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए उपयोग कर रही है। मैं अब भी कह रहा हूं कि विकास का पूरे देश को इंतजार है।