MP: कांग्रेस जाएगी सुप्रीम कोर्ट, ज्यादा मंत्री संविधान के खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे : तन्खा

MP: कांग्रेस जाएगी सुप्रीम कोर्ट, ज्यादा मंत्री संविधान के खिलाफ, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे : तन्खा

मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रियों की संख्या को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस से राज्यसभा सांसद व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने इसे संविधान का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा है कि वे संविधान के खिलाफ ज्यादा संख्या में मंत्री बनाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। तन्खा ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 164 (1ए) के अनुसार सदन के सदस्योंं में से 15 प्रतिशत से ज्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते हैं, लेकिन सरकार ने इसका उल्लंघन किया है। वर्तमान में विधानसभा में विधायकों की संख्या 206 है, इसका 15 प्रतिशत 30.9 होता है।  

 नियमानुसार 30 मंत्री बनाए जा सकते थे। यदि 31 भी मान लिए जाएं, तो भी उससे तीन ज्यादा मंत्री बनाए गए हैं। सरकार ने विधानसभा के कुल सदस्यों के 15 प्रतिशत के हिसाब से मुख्यमंत्री सहित 34 मंत्री बना दिए हैं। यह संविधान की अवहेलना है। इसके खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी। इस बारे में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीतासरण शर्मा का कहना है कि मंत्रिमंडल सदन की कुल संख्या पर बनता है। इसका वर्तमान में मौजूद विधायकों की संख्या से कोई मतलब नहीं है, क्योंकि कई बार विधायकों के निधन या अन्य कारणों से सदन की संख्या कम-ज्यादा होती रहती है। इसका मंत्रिमंडल से कोई लेना-देना नहीं है।

वहीँ विवेक तन्खा ने प्रोटेम स्पीकर जगदीश देवड़ा को मंत्री बनाने पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रोटेम स्पीकर के त्यागपत्र की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें बिना इस्तीफा लिए मंत्री नहीं बनाया जा सकता, यह गलत है। इधर, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर का कहना कि देवड़ा ने गुरुवार सुबह साढ़े 10 बजे ही प्रोटेम स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया था। इसलिए यह कोई मुद्दा नहीं है।