MADHYA PRADESH: मध्य प्रदेश में कांग्रेस का नेतृव्य कौन करेगा

MADHYA PRADESH: मध्य प्रदेश में  कांग्रेस का नेतृव्य  कौन करेगा

पहले से ही गुटबाजी की वजह से विवादों में रही एमपी कांग्रेस में अब युवा नेतृत्व को लेकर घमसान मचा हुआ है. कमलनाथ  के बेटे ने दावा किया है कि वह युवाओं का नेतृत्व करेंगे। दरअसल, एमपी कांग्रेस पुत्र मोह के चक्कर में एक बार फिर गुटबाजी की चपेट में है. कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने के बाद भी गुटबाजी खत्म नहीं हुई है. कमलनाथ अपने बेटे को एमपी की सियासी राजनीति में स्थापित करने में लगे हैं. वहीं, दिग्विजय सिंह भी बेटे जयवर्धन के लिए जगह बनाने में लगे हैं. सरकार बनते ही वरिष्ठ नेताओं को दर किनार कर दिग्विजय सिंह के बेटे को कैबिनेट में जगह मिली थी. एमपी कांग्रेस में एक बार फिर से सियासी घमासान छिड़ गया है. पूर्व सीएम कमलनाथ के सांसद बेटे नकुलनाथ के दावे से खलबली मची है. नकुलनाथ ने कहा है कि उपचुनाव में युवाओं का नेतृत्व हम करेंगे. ऐसे में सवाल है कि दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह और राहुल गांधी के करीबी जीतू पटवारी का क्या होगा. क्योंकि ये नेता पहले ही प्रदेश में युवाओं की राजनीति करते रहे हैं. छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल वीडियो में नकुलनाथ कह रहे हैं कि मैं उपचुनाव में युवाओं का नेतृत्व करूंगा. पिछले मंत्रिमंडल में हमारे जो मंत्री थे, जैसे जयवर्धन सिंह, जीतू पटवारी, सचिन यादव, हरि बघेल और ओमकार मरकाम, ये सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र में युवाओं का नेतृत्व करेंगे. इसी वीडियो के बाद से प्रदेश में सियासी माहौल गरमाया हुआ है. एमपी कांग्रेस शुरू से ही पुत्र मोह में उलझी रही है. पार्टी के कद्दावर नेता मेहनती नेताओं को ठिकाने लगा कर अपने पुत्रों को स्थापित करने में लगे रहे हैं. पूर्व सीएम अर्जुन सिंह, सुभाष यादव के बाद अब कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और कांतिलाल भूरिया के बेटे राजनीति में आ गए हैं. इससे पार्टी के युवा नेताओं के सामने फिर से अपने आस्तित्व को लेकर संकट आ जाएगा. इस सूची में राहुल गांधी के करीबी रहे जीतू पटवारी, बाला बच्चन, कुणाल चौधरी और हीरालाल आलवा जैसे नेताओं के नाम हैं. इन सभी नेताओं की युवाओं में लोकप्रियता भी है. नकुलनाथ के बायन पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि कांग्रेस में नेतृत्व के सवाल पर हमेशा परिवारवाद ही हावी रहा है. प्रदेश में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान से साफ है कि अब यहां युवाओं का नेतृत्व नकुलनाथ और बुजुर्गों का नेतृत्व कमलनाथ करेंगे. बाकी कांग्रेस अनाथ... वहीं, नरोत्तम मिश्रा के बयान पर छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ ने भी पलटवार किया है. नकुलनाथ ने गृह मंत्री को जवाब देते हुए कहा है कि अनाथ प्रदेश को नाथ चाहिए, कमल नहीं कमलनाथ चाहिए. दरअसल, नकुलनाथ एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ के बेटे हैं. अभी छिंदवाड़ा से सांसद हैं. पिता के एमपी कांग्रेस अध्यक्ष बनते ही नकुलनाथ राजनीति में सक्रिय हो गए थे. पिता की पारंपरिक सीट से पहली बार वह 2019 में लोकसभा चुनाव लड़े. एमपी से कांग्रेस के वह इकलौते जीतने वाले सांसद हैं.