सांवेर विस क्षेत्र की मतदाता सूची में 3000 फर्जी नाम होने की कांग्रेस ने की थी शिकायत, अब भेजा कानूनी नोटिस

सांवेर विस क्षेत्र की मतदाता सूची में 3000 फर्जी नाम होने की कांग्रेस ने की थी शिकायत, अब भेजा कानूनी नोटिस

 

उपचुनाव को लेकर मप्र में राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। सांवेर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने यहां की मतदाता सूची में तीन हजार फर्जी नाम होने की शिकायत की थी। शिकायत के बाद भी जब मतदाता सूची में सुधार नहीं किया गया तो अब कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा है। गौरतलब है कि सांवेर विधानसभा से 2018 में कांग्रेस के टिकट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक तुलसीराम सिलावट विधायक बने थे। सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद मार्च 2020 में सिलावट ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद से यह सीट खाली है और यहां उपचुनाव होना है।

पिछले दिनों जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सांवेर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया गया था। इस पर दावे-आपत्तियां प्रस्तुत करने का समय भी दिया गया था। मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होने के बाद कांग्रेस ने सांवेर के पूरे क्षेत्र में घर-घर का सर्वे किया और यह पाया कि मतदाता सूची के प्रारूप में तीन हजार नाम फर्जी है। इन फर्जी नामों में उन लोगों के नाम शामिल है जाे विस क्षेत्र छोड़कर चले गए हैं, या जिनकी मृत्यु हो गई है और कई नाम तो बोगस है।

कांग्रेस द्वारा इन सभी फर्जी नामों की विस्तृत शिकायत तय समय में जिला निर्वाचन अधिकारी को कर दी गई थी। सांवेर से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार प्रेमचंद गुड्‌डू के अनुसार कांग्रेस को उम्मीद थी कि शिकायत के बाद मतदाता सूची से फर्जी नामों को हटा दिया जाएगा लेकिन अब तक इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि कभी भी उपचुनाव की तारीख घोषित हो सकती है। और मतदाता सूची में शामिल फर्जी नामों को नहीं हटाने से लगता है कि सरकार के दबाव में इसी मतदाता सूची से चुनाव करवाकर भाजपा को जिताने के प्रयास किए जा रहे हैं।