MP: बेरोजगारों को मिलेगा पशुपालक के माध्यम से दस लाख रुपए

MP: बेरोजगारों को मिलेगा पशुपालक के माध्यम से दस लाख रुपए

कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण तकरीबन लाखों लोगों रोजगार से  को हाथ धोना पड़ा है मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा उन बेरोजगार युवाओं के लिए काम देने की बात कही गई थी लेकिन अधिकांश बेरोजगार लोग रोजगार पाने से वंचित रह गए मध्य प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं को गौ पालन करके भी रोजगार स्थापित करने की  घोषणा की है  जानकारी के अनुसार पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना के तहत गांव पालन के लिए 10 लाख तक का लोन उपलब्ध कराया जिसमें मार्जिन मनी सहायता के रूप में इकाई लागत का 25% सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम डेढ लाख और अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लिए 33अधिकतम 2 लाख रुपये तक राशी दी जाएगी जिसमे पशुपालक न्यूनतम से अधिक पशु की योजना स्वीकृत करा सकेंगे आपको बता दें कि परियोजना की अधिकतम सीमा राशि ₹1000000 तक होगी परियोजना लागत का 75% राशि बैंकों के माध्यम से प्राप्त करनी होगी शेष राशि की व्यवस्था मार्जिन मनी सहायता व हितग्राही का स्वयं के अंशदान के रूप में करनी होगी अमूमन  लाभ लेने वाले हितग्राहियों का ग्राम सभा में अनुमोदन होगा ग्राम सभा में अनुमोदित हितग्राहियों का जनपद पंचायत की सभा में अनुमोदन होगा और  अंतिम रूप में जिले के उपसंचालक" पशुपालन अनुमोदित प्रकरण को स्वीकृत के लिए बैंक को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त करेंगे इस योजना का लाभ सभी वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषक ले सकते हैं जानकारी के अनुसार हितग्राहियों के पास पांच पशुओं के लिए न्यूनतम एकड़ भूमि होना आवश्यक है तथा पशुओं की संख्या में वृद्धि होने से  भूमि निधि बढ़ोतरी का निर्धारण किया जाएगा सरकार ने पशुपालकों को राहत देते हुए घोषणा की है कि नंदी शाला योजना के तहत पशुपालक अपनी गायों की नस्ल सुधार सकेंगे इसकी बकायदा सरकार के द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी इस योजना का लाभ राज्य के सभी पशुपालकों को मिलेगा जिनके पास पर्याप्त कृषि भूमि के साथ न्यूनतम गए हो अथवा जिन पशुपालकों के पास कृषि भूमि नहीं है परंतु 20 गए हो तो उनको इस योजना के अंतर्गत नंदी शाला स्थापित करने के लिए कुल लागत ₹25700 का 75% सरकार द्वारा दिया जाएगा तथा शेष 25% की राशि लाभार्थी को स्वयं अपने पास से जमा करनी होगी इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को ग्राम पंचायत में आवेदन प्रस्तुत करना होगा खंड स्तरीय पशु चिकित्सा विकास अधिकारी तथा जिला पंचायत की स्थाई समिति द्वारा आवेदन किया जाएगा जिससे चयनित  लाभार्थी को पशु चिकित्सा विभाग से अनुबंध कराना अनिवार्य होगा