माध्यमिक शिक्षा मंडल कर रही शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव अब 25 दिन में हो सकेगी 10वीं-12वीं की परीक्षा सिलेबस से लेकर परीक्षा पैटर्न तक बदलने की तैयारी

माध्यमिक शिक्षा मंडल कर रही शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव  अब 25 दिन में हो सकेगी 10वीं-12वीं की परीक्षा  सिलेबस से लेकर परीक्षा पैटर्न तक बदलने की तैयारी

शिक्षा व्यवस्था में इस साल कई बदलाव हो रहे है| अब  सिलेबस से लेकर परीक्षा का पैटर्न बदलने की तैयारी भी की जा रही है। नए सत्र से 10वीं- 12वीं की परीक्षा की समय अवधि को कम करने के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 8 विषयों को अब 4 कर दिया गया है। कॉमर्स और आर्ट्स फैकल्टी के अर्थशास्त्र विधयों को भी एक किया गया है। इन पाँचों विषयों के सिलेबस और पेपर अब एक ही होंगे। विशेषज्ञ कहते हैं इससे 10वीं-12वीं कक्षाओं की परीक्षा की अवधि 35-40 दिन की जगह 25 दिन हो सकेगी। मूल्यांकन अवधि के लिए भी 10 से 15 दिन के समय की बचत होगी। सिलेबस भी बदला गया है। स्कूलों में अब इनकी पढ़ाई एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही कराई जाएगी। सिलेबस को लेकर ब्लू प्रिंट बनाया गया है। बता दे की अभी तक कॉमर्स फैकल्टी में व्यावहारिक अर्थशास्त्र और आर्ट्स फैकल्टी में प्लेन अर्थशास्त्र विषय था। इस बदलाव में यह फैसला लिया गया है की जहा पहले 10वीं- 12वीं की परीक्षा 1 मार्च से शुरू होकर अप्रैल के पहले- दूसरे सप्ताह तक चलती थी और मार्च से मई तक परीक्षा और मूल्यांकन में ही समय लग जाता था वहीँ अब यह परीक्षा मार्च में ही खत्म कर दी जाएगी| इसके अलावा अभी विषयों के पेपर अलग-अलग सेट होते हैं तो पेपर सेटर शिक्षक भी ज्यादा होते हैं। हर विषय का अलग कोड होता है। कोडवार हर स्थान पर पेपर भेजे जाते हैं। विषय कम होने से मूल्यांकन जल्दी होगा। किसी एक विषय के लिए मूल्यांकन करने वाले अब बढ़ जाएंगे तो रिजल्ट जल्दी आ सकेगा। अब हिंदी वाले शिक्षक हिंदी की, संस्कृत वाले संस्कृत की कॉपियां जांच सकेंगे। विशिष्ट अंग्रेजी के पेपर की कापियां एक्सीलेंस या माडल स्कूल के शिक्षक ही जांचते हैं।