सरकार के दावे हो रहे फेल, ढाई लाख आवेदन किए गए रिजेक्ट नहीं हुई कोई सुनवाई

सरकार के दावे हो रहे फेल, ढाई लाख आवेदन किए गए रिजेक्ट नहीं हुई कोई सुनवाई

केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के वादे और दावे खोखले नजर आ रहे हैं|लॉक डाउन के दौरान जनता के लिए उनकी मदद के लिए शुरू की गई ई- पास की व्यवस्था की रफ्तार धीमी होती जा रही है।जानकारी के अनुसार अब तक विभाग ने ढाई लाख इ-पास के आवेदनों को खारिज कर दिया है और लंबित पड़े 83000 आवेदनों पर अब तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। सरकार ने ई-पास की व्यवस्था दूसरे राज्यों में फंसे लोगों की मदद के लिए की थी| बता दे  प्रदेश में अब तक कुल 4.49 लाख लोग ई-पास के लिए आवेदन कर चुके हैं इनमें से शासन ने 1.35 लाख आवेदकों को पास जारी किया है जबकि ढाई लाख आवेदकों के आवेदन रिजेक्ट किए जा चुके हैं। पोर्टल में बार-बार आ रही तकनीकी खराबी के चलते मध्य प्रदेश की सीमाओं के भीतर आवागमन के लिए पास जारी नहीं हो पा रहे। पोर्टल की धीमी गति से काम करने की वजह से आवेदन करने वाले लोग परेशान हो रहे हैं| पोर्टल में लगातार हैंग होने की समस्या आ रही है यदि किसी तरह से पोर्टल चल भी गया तो एक आवेदन करने में लंबा समय लग रहा है इसके अलावा ई-पास सिर्फ इमरजेंसी व्यवस्था के लिए शुरू किया गया है  जिसके तहत आवेदन करने वालों को उसका कारण, गाड़ी का नंबर, आईडी नंबर और दूसरी जानकारी मुहैया करानी पड़ती है और इमरजेंसी कारण नहीं होने की वजह से ही पास के आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं। ई पास रिजेक्ट होने के कारण बाहर फंसे लोग काफी परेशान हो रहे हैं। सरकार का यह दावा है कि वह अन्य राज्यों में फंसे मध्य प्रदेश के लोगों को उनके घर तक पहुंचाएंगे लेकिन हैंग हो रही व्यवस्थाओं को देखते हुए सरकार के दावों और वादों पर प्रश्नचिन्ह उठने लगे हैं।