अंतिम दौर में सियासी रण दलों ने झोंकी पूरी ताकत सीमाएं होंगी सील साम 5:00 बजे के बाद बाहरी लोगों को छोडनी होगा छेत्र

अंतिम दौर में सियासी रण   दलों ने झोंकी पूरी ताकत सीमाएं होंगी सील   साम 5:00 बजे के बाद बाहरी लोगों को छोडनी होगा छेत्र

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव का प्रचार प्रसार  बस कुछ घंटों बाद थम जाएगा प्रदेश की 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग होनी है और 10 नवंबर को नतीजे आएंगे लेकिन इस बार होने वाला मध्य प्रदेश का उपचुनाव सबसे खास है क्योंकि पिछले 16 वर्षों में महज 30 सीटों पर उपचुनाव हुए थे लेकिन इस बार एक साथ 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं यह चुनाव सरकार और बड़े नेताओं के भविष्य तय करेगी दोनों ही पार्टियाँ एड़ी चोटी का जोर लगा रही है बीजेपी जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के चेहरे पर चुनाव लड़ने का मन बना बैठी है वही कांग्रेस के सामने एक चुनौती है कि वह किन मुद्दों पर भाजपा व ज्योतिरादित्य सिंधिया को टक्कर दे पाएगी विभिन्न प्रकार की सौदेबाजी हो रही है नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप गढने में लगे हुए हैं  ताबड़तोड़ रैलियों का आयोजन किया गया जा रहा है चुनाव अंतिम दौर में है रविवार रात से ही प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ मतदाताओं को रिझाने के लिए घर-घर जाकर संपर्क कर कमरा बंद बैठक कर चुनावी रणनीति तैयार करेंगे वहीं पुलिस प्रशासन ने सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है वहां से गुजरने वाले हर एक वाहन की बारीकी से चेकिंग की जा रही है ताकि शराब रुपए हथियारों सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्री को चुनाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोका जा सके चुनाव आयोग चुनाव के लिए मतदान की तैयारियां भी पूरी कर ली है रविवार रात से ही पोलिंग पर अन्य सामग्री लेकर मतदान केंद्रों पर वोटिंग की तैयारियां पूरी कर ली जाएँगी आपको बता दें मध्य प्रदेश में होने वाले 28 विधानसभा उपचुनाव में 10 सीटें अतिसंवेदनशील बताई जा रही हैं  इस अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है वहां पर अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा दरअसल कांग्रेस ने उपचुनाव में ग्वालियर चंबल की कई सीटों पर तनाव की आशंका जताई थी कांग्रेस ने कई मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित कर उन पर अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन भी सौंपा था जानकरी के अनुसार चुनाव शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से करवाने के लिए अर्धसैनिक बलों की 28 कंपनियां सहित एक लाख जवानों अफसरों को तैनात किया गया है बाहर से आने वाले लोगों को रोकने के लिए कुछ स्थानों पर प्रदेश की सीमाएं भी सील कर दी गई चुनाव वाले जिलों में भी पुलिस का पहरा काफी सख्त कर दिया गया चुनाव प्रचार के लिए बाहर से पहुंचे लोगों को अपराहन 5:00 बजे के बाद क्षेत्र से बाहर जाने को कहा गया है चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक द्वारा घूम कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है प्रदेश व जिले की सीमाएं कुछ घंटो बाद सील कर दी जायेगी.  मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल सीटों की संख्या 230 है वर्तमान में भाजपा के 107 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 88 विधायक चार निर्दलीय दो बसपा एवं एक सपा के विधायक भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए इस उपचुनाव में मात्र 9 सीटों की दरकार है जबकि कांग्रेस को 28 सीटों की जरूरत है  लेकिन कहीं ना कहीं यह आंकड़ा कांग्रेस के लिये काफी जादा है खैर यह तो वक्त ही बताएगा कि जनता किसको सत्ता में पहुंचाती है मध्य प्रदेश की राजनीति में जातिगत समीकरण भी देखने को मिल रहे हैं सामान्य वोटरों की संख्या 22% ओबीसी वोटरों की 33% अल्पसंख्यक वोटर 8 % वही एससी 16% और  एसटी 21 % है जिसमे सामान्य ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के वोट 50% से भी जायदा है बदनावर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव का मुकाबला सत्ताधारी दल भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से है कांग्रेस ने राजपूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है दोनों प्रत्याशी राजपूत मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं बदनावर में स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है कांग्रेस के पूर्व विधायक व भाजपा सरकार के उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव कांग्रेस से इस्तीफा देकर सांसद ज्योतिराज सिंधिया के साथ भाजपा में चले गए थे इसलिए बदनावर में उप चुनाव हो रहा है भाजपा में दत्तीगांव को अपना उम्मीदवार बनाया है कांग्रेस ने कमल सिंह पटेल पर दांव लगाया है जिससे कहीं ना कहीं  यह सीट महत्वपूर्ण हो जाती है ग्वालियर चम्बल छेत्र की 16 सीटे 1. मुरैना  2. मेहगांव  3.ग्वालियर पूर्व  4. ग्वालियर 5. डबरा 6. बमोरी 7. अशोक नगर  8. अम्बाह 9. पोहारी 10. भांडेर एवं 11. सुमावली 12. करेरा 13. मुंगावली 14. गोहद  15. दिमनी  16. जौरा* ये सभी विधानसभा सीटे महत्वपूर्ण है