श्रमिक स्पेशल ट्रेन में युवक की मौत, घंटो ट्रेन में पड़ा रहा शव

श्रमिक स्पेशल ट्रेन में युवक की मौत, घंटो ट्रेन में पड़ा रहा शव

देशभर में लॉक डाउन के दौरान सभी को अपने घर वापस भेजने के लिए सरकार द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही है| लेकिन हमने देखा की कई बार यह सफर मजदूरों के जीवन का आखरी सफर भी बन गया। इसी तरह का एक और मामला सामने आया जहां पर श्रमिक की स्पेशल ट्रेन में सतना के नजदीक मौत हो गई |उनकी लाश काफी देर तक ट्रेन की बर्थ में ही पड़ी रही पर कोरोना के दर से कोई उसे हाथ लगाने के लिए तैयार नहीं था| घंटों बाद सरकार की ओर से मृतक के दोस्तों से उसने लाश नीचे उतरवाई । दरअसल पुणे से प्रयागराज के बीच चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन में अखिलेश राणा नामक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई| मृतक गोंडा जिले के नवाबगंज का रहने वाला था और अपने दो साथियों के साथ पुणे से प्रयागराज जा रहा था। सतना जंक्शन के आगे बढ़कर मझगवां पहुंची स्टेशन  ट्रेन को रोक दिया गया गार्ड ने मौत की सूचना स्टेशन मास्टर को दी जिसके बाद मझगवां के बीएमओ सतना जीआरपी और प्रशासनिक अधिकारियों को भी घटना की सूचना दी गई। कोरोना के डर से कई घंटों तक शव ट्रेन की बोगी में ही पड़ा रहा हैरान परेशान यात्री आशंका में थे कि कहीं युवक की मौत कोरोना से तो नहीं हुई| 4 घंटे बाद शव को ट्रेन से नीचे उतारा जा सका जिसके बाद गाड़ी आगे बढ़ पाई। मृतक अखिलेश राणा के साथियों ने जीआरपी को बताया कि उसके परिवार के कुछ लोग प्रयागराज बहुत चुके हैं अखिलेश ही पुणे में रह गया था । उसके दोस्तों ने बताया कि अखिलेश जब पुणे से चला था तभी वह तकलीफ में था उसके सीने में दर्द की शिकायत थी रास्ते में तकलीफ बढ़ गई तो सोचा कि प्रयागराज पहुंचते ही अस्पताल ले जाएंगे लेकिन इससे पहले ही अखिलेश ने दम तोड़ दिया। अखिलेश की मौत किस कारण से हुई है इसका खुलासा पीएम और कोरोना जांच के बाद है।